नगर निगम की सैकड़ों फाइलें फाड़ दी गईं। ज्यादातर फाइलें टैक्स, नामांतरण से संबंधित हैं। सूत्रों के अनुसार विभाग के ही कुछ कर्मचारियों ने ही साजिशन फाइलें फाड़ दी हैं। हालांकि अफसरों ने बंदरों पर फाइल फाड़ने की तोहमत मढ़ी है। पिछले वर्ष भी इस सेक्शन में आग लगने की घटना हुई थी, जिसमें सीसीटीवी में एक व्यक्ति आग लगाता कैद हुआ था।
मंगलवार की सुबह टैक्स विभाग के कर्मचारी जब कार्यालय में घुसे तो अंदर का हाल देखकर आश्चर्यचकित रह गए। सैकड़ों फाइलें और कागजात फटे हुए थे और पूरे कार्यालय में इधर-उधर बिखरे थे। इसके बाद टैक्स विभाग में अफरा-तफरी मच गई। अधिकारियों को इस संबंध में जानकारी दी गई। घटना को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। विभाग के कुछ कर्मचारियों का कहना है कि इसमें कई महत्वपूर्ण फाइलें भी फाड़ दी गई हैं।
नगर निगम का टैक्स विभाग रिकॉर्डोें के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। यहां नामांतरण, असेसमेंट, दाखिल खारिज के अलावा सैकड़ों की संख्या में ऐसी फाइलें होती हैं, जो मकान के टैक्स संबंधी विवाद को लेकर होती हैं। ऐसे में ऐसी फाइलों के फटने से कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। विभाग के कुछ लोगों को कहना है कि इसमें कई महत्वपूर्ण फाइलें भी फट गई हैं। इससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त संजय शुक्ला ने कहा कि एसी खराब होने की वजह से उसे दीवार से निकाला गया था। इससे वह जगह खाली रह गई थी। इसी से होकर बंदर अंदर घुस गए थे और उन्होंने फाइलें फाड़ दी हैं। वैसे इसमें ज्यादातर बिल बगैरह ही फटे हैं, कुछ नुकसान की बात नहीं है।
फरवरी 2016 में इसी सेक्शन में लगी थी आग
25 फरवरी 2016 में नगर निगम के इसी सेक्शन में सुबह नौ बजे से पौने 10 बजे के बीच आग लग गई थी। घटना में नगर निगम की तकरीबन 900 फाइलें जल गई थीं। सीसीटीवी फुटेज में एक शख्स संदिग्ध अवस्था में टैक्स विभाग में घूमता हुआ नजर आया था। तीन से चार मिनट तक वहां रहने के बाद वह वहां से चला गया था। इसके कुछ देर बाद ही वहां धुआं उठा और फिर आग लग गई थी।
इन इलाकों की फाइलें जलीं थ्ाीं
टैक्स विभाग में लगी आग के दौरान खासकर इस विभाग के कर्मचारी देवेंद्र तिवारी की आलमारी की सारी फाइलें जली थ्ाीं। देवेंद्र तिवारी के पास जोन दो का चार्ज है। इसमें चक जलाल, खूनीपुर, पुर्दिलपुर, जटेपुर उत्तरी, इस्माइलपुर, नसीराबाद, मियांबाजार आदि के कुछ इलाके आते हैं। इसके अलावा बेतियाहाता क्षेत्र की कुछ फाइलें जलीं हैं। देवेंद्र तिवारी ने बताया कि इनमें से अधिकांश फाइलें नामांतरण और वाद संबंधी हैं।
नगर निगम में नहीं है रिकॉर्ड ऑफिस
नगर निगम में रिकॉर्ड आफिस नहीं है। ऐसे में अधिकारियों या कर्मचारियों के चले जाने के बाद फाइलों को लेकर अक्सर विवाद वाली स्थिति बनी रहती है। दो वर्ष पूर्व नगर निगम के निर्माण विभाग के एक कर्मचारी की तबीयत खराब होने की वजह से पुलिस की मौजूदगी में ताला तुड़वाकर पुरानी फाइलें निकलवानी पड़ी थी। नगर आयुक्त रहते हुए राजेश कुमार त्यागी ने रिकॉर्ड आफिस तैयार करने का आदेश दिया था, लेकिन आज तक अमली जामा नहीं पहनाया जा सका।