गोरखपुर। सत्याग्रह एक्सप्रेस से सफर कर आए जहरखुरानी के शिकार दंपती बेसुध पड़े रहे और पास में बैठा उनका दो साल का मासूम बेटा भूख से तड़पता रहा। ऐसे में कुछ यात्रियों ने उसे बिस्किट और चिप्स देकर शांत कराया। डॉक्टरों के प्राथमिक उपचार के बाद दंपती को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां होश आने पर मां ने बच्चे को दूध पिलाने की कोशिश की तो डॉक्टर ने शरीर में जहर फैलने के चलते मना कर दिया। इसके बाद एक मरीज के तीमारदार ने बाहर से दूध मंगाकर बच्चे को दिया। अस्पताल में भूख से मासूम को रोता देख हर किसी का कलेजा पसीज गया।
कुशीनगर, कप्तानगंज के विवेक, पत्नी पूजा और बेटे के साथ शाहजहांपुर में नौकरी करते हैं। मंगलवार को दोनों सत्याग्रह एक्सप्रेस से चले। रास्ते में जहरखुरानों ने उन्हें निशाना बना लिया। रेलवे स्टेशन पर कुछ देर बाद होश में आई पूजा ने बताया कि उनकी सीट पर बगल में बैठे दो युवकों ने बातचीत में अपनापन जताया और बच्चे को दुलारने लगे। कुछ देर में वे घुल मिल गए तो उन्होंने कोल्ड ड्रिंक पीने को दिया। पीते वक्त कड़वाहट महसूस हुई पर इस बात का अंदेशा नहीं था कि वे हमें लूट लेंगे। बैग में रखा कैश और मेरे जेवर भी उन्होंने उतार लिए। कुछ देर बाद आंखों के सामने अंधेरा छाने लगा। इतना बताने के बाद ही पूजा अचेत हो गई। यात्री मित्र ने बताया कि यात्रियों की सूचना पर दंपती को बच्चे के साथ ट्रेन से उतारा गया। डॉक्टरों को बुलाकर उनका इलाज कराके जिला अस्पताल भर्ती करा दिया गया। शाम को दोनों होश में आ गए थे। हालांकि इलाज कर रहे डॉक्टर ने बताया कि दंपती की हालत अभी खतरे से बाहर नहीं है।