जिले की सभी नौ विधानसभाओं में 102 नए बूथ बढ़ जाने की वजह से हजारों मतदाताओं के बूथ बदल गए हैं। अब जिले में बूथों की कुल संख्या 3705 से बढ़कर 3807 हो गई है। बढ़े हुए नए बूथों को निर्वाचन आयोग ने अपनी मंजूरी भी दे दी है। यही नहीं अब एक बूथ पर 1400 से अधिक वोटर भी नहीं रहेंगे। पहले यह सीमा 1500 वोटर की थी। इन्हीं बदले हुए बूथों के आधार पर रविवार से एक महीने तक के लिए मतदाता पुनरीक्षण अभियान भी शुरू होगा। ऐसे में निकाय चुनाव की तरह आगामी लोकसभा चुनाव में भी वोटर लिस्ट से नाम कट जाने या फिर बूथ बदल जाने से कोई वोट देने से वंचित नहीं रह जाए इसलिए सभी का वोटर लिस्ट जांच लेना जरूरी हो गया है।
विधानसभा बढ़े बूथ
कैंपियरगंज 19
पिपराइच 14
गोरखपुर शहर 06
गोरखपुर ग्रामीण 08
सहजनवा 24
खजनी 09
चौरीचौरा 09
बांसगांव 05
चिल्लूपार 08
अब सभी बूथों पर लगेगा वीवीपैट
आगामी लोकसभा चुनाव में जिले के सभी बूथों पर ईवीएम के साथ वोटर वेरीफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) भी लगाए जाएंगे। इसकी शुरूआत विधानसभा 2017 के चुनाव से हुई थी लेकिन सिर्फ शहर विधानसभा में ही वीवीपैट लगाए गए थे। सभी विधानसभा क्षेत्रों में वीवीपैट लगाने की वजह से ही बूथों पर 1500 वोटर के मानक को बदलकर 1400 करने के साथ ही नए बूथ भी बढ़ाए गए।
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए वीवीपैट का इजाद
निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए निर्वाचन आयोग ने वीवीपैट लगाने का निर्णय लिया है। इसे ईवीएम (बैलेट यूनिट) से जोड़ा जाता है। वोटर जब ईवीएम में अपने पसंद के प्रत्याशी के नाम के आगे का बटन दबाता है तो वीवीपैट की स्क्रीन पर सात सेकेंड के लिए एक पर्ची दिखाई पड़ती है, जिसमें उस प्रत्याशी का नाम और चुनाव चिह्न दर्ज होता है। वोटर, इस पर्ची से यह तस्दीक कर सकता है कि उसने जिस प्रत्याशी को वोट दिया है, उसे ही मत पड़ा है।