अधिवेशन में रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा।
- फोटो : Amar Ujala
केंद्रीय रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने रेलवे का निजीकरण करने पर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए इसे अफवाह बताया और कहा कि मोदी सरकार रेलवे का निजीकरण नहीं करेगी। काशी में बाबा विश्वनाथ की तरह रेलवे सुरक्षित है। कहा कि जिस तरह रेलवे का बड़ा दायरा है, उस अनुपात में निजी क्षेत्र से निवेश अभी नहीं हुआ है। सरकार इस दिशा में काम कर रही है, परिणाम दिखेंगे। कहा कि लगातार दो-तीन हादसों से रेलवे की छवि बिगड़ी है। हमें संगठित होकर छवि सुधारने का संकल्प लेना होगा।
वह रेलवे स्टेडियम में ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन (एआईआरएफ) के तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन के शुभारंभ अवसर पर बोल रहे थे। रेल राज्यमंत्री ने सरकार को रेलकर्मियों का हितैषी बताकर सरकार और यूनियन के बीच बढ़ती दूरी कम करने की कोशिश की। कहा कि रेलवे बड़ा तंत्र है और छोटी तकरारें होती रहती हैं, इसका यह मतलब नहीं है कि कर्मचारियों के प्रति सरकार की सोच नकारात्मक है। कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का अध्ययन किए बिना हम कोई बात नहीं कह सकते हैं, आश्वस्त करते हैं कि बहस करके समाधान के लिए सार्थक पहल करेंगे। कर्मचारी हितों के खिलाफ सरकार कोई कदम नहीं उठाएगी।
उन्होेंने कहा कि भारतीय रेल से बड़ा कोई संगठन नहीं है। अपनी कार्यकुशलता से रेलकर्मियों ने अलग साख बनाई है, यह देखकर गर्व होता है। अधिवेशन में रेलवे की सुरक्षा और संरक्षा पर चर्चा करना ही इस फेडरेशन की खासियत है। अपने हक की लड़ाई के साथ ही रेलकर्मी राष्ट्र और रेल की सुरक्षा के प्रति चिंतित हैं। ऐसे रेलकर्मियों की बदौलत ही करोड़ों लोग सुरक्षित सफर कर रहे हैं।