शिशु के विकास के प्रति बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की तरफ से विशेष कार्ययोजना बनाई गई है
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संतकबीरनगर। शिशु के विकास के प्रति बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की तरफ से विशेष कार्ययोजना बनाई गई है। इसके तहत हर आंगनबाड़ी केंद्र पर महीने की 30 तारीख को गोद भराई दिवस का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान गर्भवती महिलाओं को पोषण पोटली भी दी जाएगी। जिसमें गुड़, चना, सहजन, हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, आयरन की गोलियां आदि रहेंगी। शासनस्तर से इसके प्रचार प्रसार के निर्देश दिए गए हैं।
हर माह की 30 तारीख को गोद भराई दिवस पर गर्भावस्था के प्रथम त्रैमास में चिह्नित महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों पर एकत्र किया जाएगा। इस दौरान कार्यक्रम आयोजित कर गर्भवती महिलाओं और उनके अभिभावकों को योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी। गर्भवती महिलाओं को पोषण पोटली उपहार के रूप में दी जाएगी। इसमें गुड़, चना, सहजन, हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, पोषाहार, आयरन की गोलियां आदि होंगी। उन्हें इनका प्रतिदिन सेवन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। मौसमी फलों व सब्जियों से के सेवन से होने वाले पोषण लाभ के प्रति महिलाओं को जागरूक किया जाएगा। महिलाओं के परिजनों को घरों में पोषण वाटिका का निर्माण कराने की सलाह दी जाएगी। कुल मिलाकर गर्भवती महिलाओं के साथ ही गर्भ में पल रहे शिशु के विकास की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए यह योजना चलाई जा रही है। राज्य पोषण मिशन की महानिदेशक मोनिका एस गर्ग ने जिला कार्यक्रम अधिकारियों को पत्र भेजकर कार्यक्रम के क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने योजना के प्रचार प्रसार के निर्देश दिए हैं। सीडीपीओ खलीलाबाद रोमा सिंह ने बताया कि योजना का व्यापक प्रचार प्रसार किया जा रहा है।
उधर, आंगनबाड़ी केंद्र के तहत आने वाली सभी गर्भवती महिलाओं का चिन्हांकन व पंजीकरण गर्भावस्था के प्रथम त्रैमास में ही किया जाना आवश्यक है। इसके बाद ही प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, जननी सुरक्षा योजना, मातृ शिशु सुरक्षा कार्ड आदि योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। आंगनबाड़ी केंद्रों पर इस बारे में भी जानकारी दी जाएगी।