पिपराइच। किसानों ने बुधवार को गन्ना समिति पिपराइच में गन्ने की आपूर्ति के लिए पर्चियां न मिलने पर हंगामा किया। उन्होंने गन्ना क्रय केंद्र न खुलने पर भी नाराजगी जताई। समिति के सचिव का घेराव कर समस्याओं के समाधान की मांग की।
क्षेत्र के ग्राम नवापार के किसान दिग्विजय सिंह ने बताया कि उनका 29 गाड़ियों के लिए कोटा बना है। नियमानुसार अब तक सात से आठ पर्चियां मिल जानी चाहिए थीं। अब तक उनको एक भी पर्ची नहीं दी गई। इसी गांव के वीरेंद्र सिंह का 27 गाड़ी का कोटा बना है। अब तक एक भी पर्ची नहीं मिली। खोट्ठा के योगेंद्र, जंग बहादुर, घनश्याम आदि ने गन्ना क्रय केंद्र न खुलने तथा पर्चियां न मिलने पर नाराजगी जताई। बरवां कोटवा के अमृत, महुअवां के सुरेंद्र पांडेय, नर्वदेश्वर, बलुआ के भागवत मिश्रा सहित अन्य किसानों का आरोप है कि पिपराइच क्षेत्र के किसानों की उपेक्षा की जा रही है। प्रभावशाली लोगों की मनमानी से आम किसानों को पर्चियां नहीं मिल रही हैं। अर्ली प्रजाति के गन्ने अब सूखने की कगार पर हैं। चीनी मिल चालू हुए एक माह से ऊपर हो गया। किसान पर्ची ही नहीं पा सके। समिति के सचिव ने किसानों के मांग को जायज ठहराते हुए उन्हें समझाया। कहा कि उनकी समस्याएं दूर कराने के लिए अधिकारियों से बात की जाएगी। उसके बाद किसान शांत हुए।
सचिव बोले, पिपराइच क्षेत्र की हो रही उपेक्षा
गन्ना समिति के सचिव विनोद कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि चीनी मिल की ओर से मांग पत्र देने में पिपराइच क्षेत्र के किसानों की उपेक्षा की जा रही है। गन्ना क्त्रस्य केंद्र स्थापित करना चीन मिल की जिमेदारी है। बार-बार पत्र लिखने के बाद भी मिल प्रशासन बेपरवाह बना है। वहीं ढाढ़ा चीनी मिल के गन्ना प्रबंधक श्रीधर दुबे ने कहा कि मिल में पेराई बंद है। शीघ्र ही पिपराइच क्षेत्र के लिए मांगपत्र भेज दिए जाएंगे। बताया कि मगडीहा में केंद्र खुल गया है। रतनपुर में क्त्रस्य केंद्र पर दो-तीन दिनों में तौल शुरू हो जाएगी।