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साथियों ने ही किया था रवि का कत्ल

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सिद्धार्थनगर। बढ़नी के वार्ड नंबर नौ निवासी युवा व्यापारी रवि की हत्या प्रेम प्रसंग और आपसी कलह के चलते हुई थी। हत्यारे उसके साथी ही निकले। रवि को शक था कि उसका साथी उसकी प्रेमिका को तंग करता है। इसे लेकर उनका विवाद हुआ और फिर अगले ही दिन साथियों ने प्लॉन बनाकर रवि को मौत के घाट उतार दिया। शुक्रवार को पुलिस ने हत्या व साजिश में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए हत्याकांड का पर्दाफाश करने का दावा किया है। पुलिस ऑफिस में आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी डॉ.धर्मवीर सिंह ने बताया कि 30 सितंबर की रात बढ़नी कस्बे में रवि की हत्या उसके साथी मुमताज निवासी वार्ड नंबर आठ बढ़नी, अक्कू उर्फ नियाजुद्दीन निवासी वार्ड नंबर एक बढ़नी व मुहम्मद असद निवासी सिसहनिया थाना सदर ने मिलकर की थी। नगर के गोबरहवा बाजार निवासी आजाद ने उन्हें हत्या के लिए हथियार उपलब्ध कराया था। एसपी ने बताया कि रवि, मुमताज, अक्कू व मुहम्मद असद अक्सर साथ में बैठकर जुआ खेलते और नशा करते थे। रवि को किसी ने बताया था कि मुमताज उसकी प्रेमिका का पीछा और तंग करता है। इसे लेकर 29 सितंबर को सीमा से सटे नेपाल के कृष्णानगर में रवि और मुमताज में मारपीट हुई थी। रवि ने धमकी दी थी कि वह मुमताज को जान से मार देगा। इससे घबराकर मुमताज ने अपने दो अन्य साथ अक्कू और मुहम्मद असद के साथ मिलकर रवि की हत्या का प्लॉन बनाया। 30 सितंबर की रात मुमताज ने फोन कर रवि को दावत के लिए बढ़नी कस्बे के समीप बुलाया। सिनेमा हाल के पास अरहर के खेत में ले जाकर तीनों ने मिलकर रवि की निर्मम हत्या कर दी। हत्या से पूर्व रवि की उनसे जमकर हाथापाई भी हुई।
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एसपी ने बताया कि घटनास्थल से मिले रवि के मोबाइल को सर्विलांस पर लगाकर छानबीन की गई। कॉल डिटेल से तीनों आरोपियों का सुराग मिला। शुक्रवार की सुबह मुखबिर की सूचना पर ढेबरुआ एसओ जयवर्द्धन सिंह ने पुलिस टीम के साथ बढ़नी रेलवे स्टेशन पहुंचकर मुमताज, अक्कू व मुहम्मद असद को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर गोबरहवा बाजार निवासी आजाद को भी गिरफ्तार किया गया। आजाद ने तीनों को रवि की हत्या के लिए चापड़ व चाकू उपलब्ध कराया था। सभी आरोपियों को पूछताछ के बाद संबंधित धाराओं में जेल भेज दिया गया है। एसपी ने पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की।
शक के आधार पर नामजद तीनों आरोपी बरी
एक अक्टूबर की शाम अरहर के खेत में रवि की लाश मिलने के बाद परिजनों ने तीन युवकों पर हत्या का शक जताते हुए पुलिस को तहरीर दी थी। इस आधार पर पुलिस ने बढ़नी के राहुल मद्धेशिया, प्रमोद गुप्ता व दीनू हेला के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया था। सभी आरोपी फरार थे। छानबीन के दौरान हत्या में इन तीनों की कोई संलिप्तता नहीं मिली है। एसपी ने बताया कि पूर्व में नामजद किए गए तीनों युवकों को मुकदमे से बरी कर दिया गया है।
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पुलिस टीम में यह रहे शामिल
हत्यारोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में ढेबरुआ एसओ जयवर्द्धन सिंह, बढ़नी चौकी प्रभारी हरेंद्र राय, कांस्टेबल दीपक गोविंद राव, रवींद्र यादव, धनेश दीक्षित, मनीष दुबे, राकेश कन्नौजिया, बृजकिशोर गुप्ता शामिल रहे।
इनाम घोषित होते ही गिरफ्त में आए आरोपी
एक अक्टूबर को रवि का शव मिलने के बाद से पुलिस घटना की छानबीन में जुटी थी। सर्विलांस से मिली लोकेशन के आधार पर हत्यारे चिह्नित भी कर लिए गए, लेकिन पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कार पा रही थी। गुरुवार की शाम जैसे ही एसपी ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी पर 25-25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की, उसके कुछ ही घंटे बाद हत्यारे पुलिस की गिरफ्त में आ गए। पुलिस की इस सफलता को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
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