गोरखपुर। बिहार के जैतराम सिंह गोरखधाम एक्सप्रेस के प्लेटफार्म पर आने के चार घंटे पहले लाइन में लगे। टोकन लिया और अपनी बारी का इंतजार करने लगे। खुश थे कि लाइन में आगे हैं और सीट जरूर मिलेगी। मगर हुआ उल्टा, ट्रेन आते ही आरपीएफ की व्यवस्था चरमरा गई। लाइन में लगे कुछ यात्री ही जनरल बोगी में चढ़ पाए थे कि बगैर लाइन वाले भी आ गए। बेकाबू होती भीड़ को काबू में करने की कोशिश में आरपीएफ के जवानों ने डंडे से भीड़ को धक्का देना शुरू किया। इसी बीच जैतराम पोल से टकरा गए और उनका सिर फूट गया।
खून टपकने लगा तो जवानों ने मरहम पट्टी कराया। मायूस जैतराम की आंखों में आंसू थे। बोले, आया था ट्रेन में चढ़ने। सीट मिली नहीं और सिर भी फट गया। यात्री मित्र ने बताया कि युवक को सिर में चोट लगी थी, आरपीएफ के दो जवान लेकर आए थे, मरहम पट्टी कराकर भेज दिया गया।
ट्रेनों में भीड़ के दौरान यात्रियों हो रही सांसत की यह बानगी भर है। जैतराम चोटिल हो गए तो उनकी बेबसी सामने आ गई। रोजाना बहुत सारे यात्री इसी तरह धक्कामुक्की में चोटिल हो रहे हैं। भीषण गर्मी में बोरे की तरह ठूंस कर सफर करना उनकी मजबूरी है। मंगलवार को कई यात्रियों ने जनरल कोच के शौचालय में बैठकर तो कई ने जान जोखिम में डालकर कोच के गेट के पास सीढ़ियों पर बैठकर यात्रा की।
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