बढ़ते तापमान के बीच डायरिया का कहर भी बढ़ने लगा है। दो हफ्ते में जिले में सरकारी, निजी चिकित्सालयों व क्लीनिकों में रोजाना 200 से अधिक डायरिया के मरीज आ रहे हैं। केवल जिला अस्पताल और संक्रामक रोग विभाग में ही दो दिन में डायरिया से पीड़ित 24 मरीज भर्ती किए जा चुके हैं। जबकि ओपीडी में दिखाने वालों की संख्या कई गुना है। डायरिया से पीड़ितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सीएमओ ने जिले में अलर्ट जारी कर दिया है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर उन्होंने ओआरएस घोल और दवाएं उपलब्ध रखने का आदेश दिया है। साफ कहा है जहां दवा नहीं हो तत्काल सरकारी स्टोर से मंगा ली जाएं।
तापमान ज्यादा होने और शरीर में पानी की कमी होने पर डायरिया होने की शिकायत ज्यादा होती है। इसके अलावा खानपान में लापरवाही भी बीमार का कारण बनती है। 20 मई के बाद अस्पतालों में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। जिला अस्पताल हो या संक्रामक रोग विभाग, स्वास्थ्य केंद्र अथवा क्लीनिक। सभी जगहों पर उल्टी, दस्त के मरीज बड़ी संख्या में रोजाना पहुंच रहे हैं। ओपीडी में सर्वाधिक मरीज डायरिया के आ रहे हैं। एक वरिष्ठ चिकित्सक के मुताबिक जिले के डाक्टरों के पास प्रतिदिन 200 से अधिक मरीज डायरिया के आ रहे हैं। डॉक्टर मरीजों और तीमारदारों से बचाव के तरीके साझा कर रहे हैं।
प्राइवेट अस्पतालों में भी बढ़े मरीज
सरकारी अस्पतालों के अलावा प्राइवेट अस्पतालों में भी इन दिनों सर्वाधिक मरीज उल्टी, दस्त के ही पहुंच रहे हैं। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अखिलेश कुमार सिंह बताते हैं कि इन दिनों ओपीडी में डायरिया के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। पानी और खानपान पर विशेष ध्यान देकर इस बीमारी से बचा जा सकता है।
ऐसे करें बचाव
- धूप से बचाव करें, घर से बाहर निकलने पर सिर जरूर ढकें
- धूप में बाहर से घर या कहीं अन्य पहुंचने के तुरंत बाद पानी ना पिएं
- घर से बाहर धूप में निकलने से पहले भरपूर पानी पिएं
- तले, भूने और मसाले वाले खानों का सेवन कम करें
- इन दिनों शराब का सेवन बिल्कुल न करें, साफ सफाई रखें
- नींबू पानी, ओआरएस और ठंडे पेय का इस्तेमाल करें
- खुले में रखे कटे फल या अन्य बाहरी खाद्य पदार्थ का इस्तेमाल ना करें
यह हैं लक्षण
- उल्टी, दस्त कई बार होना
- सिर में तेज दर्द होना
- बदन में तेज खुजली और दर्द होना
डायरिया के मरीजों के इलाज की सभी अस्पताल में समुचित व्यवस्था की गई है। दवाएं आदि पर्याप्त मात्रा में हैं। लोगों को बचाव के तरीके भी बताए जा रहे हैं।
- डॉ श्रीकांत तिवारी, सीएमओ
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