फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घाघरा बढ़ी तो संकट में आ जाएंगे 38 गांव

Thu, 12 Jul 2018 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
मेंहदावल के करमैनी बेलौली तटबंध की हालत जर्जर। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
हैंसर। घाघरा कटान करती हुई बांध और नदी के बीच बसे गांवों की ओर धीरे-धीरे बढ़ रही है। यदि नदी के जल स्तर में इजाफा हुआ तो बांध और नदी के बीच के स्थित 38 गांवों का बाढ़ की चपेट में आना तय माना जा रहा है।
विज्ञापन


इस वर्ष भी प्रशासन तैयारी पूर्ण कर लेने का दावा भले कर रहा है, क्षेत्र के लोग उस पर यकीन नहीं कर रहे हैं। कारण कि पिछले कई वर्षों से बाढ़ के दौरान प्रशासन पीड़ितों की सहायता करने में नाकाम साबित होता चला आ रहा है।

धनघटा तहसील के गायघाट, खालेपुरवा, चकदहा, सुअरहा, पड़रिया, दौलतपुर, रामपुर दक्षिणी समेत 38 गांवों की करीब 15000 आबादी नदी किनारे बसी है। उनके पास बांध से उत्तर जमीन न होने के कारण इन गांवों के लोग प्रति वर्ष बरसात का समय आते ही बाढ़ की चपेट में आ जाते है।
विज्ञापन


संभावति बाढ़ से निपटने के लिए तहसील प्रशासन भी तैयारी पूर्ण कर चुका है। एसडीएम बाबूराम ने बताया कि नदी और बांध की निगरानी के लिए छह बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है।

आदर्श इंटर कॉलेज उमरिया बाजार, सत्यनारायण इंटर कॉलेज तिघरा मौर, प्राथमिक पाठशाला रामपुर बारहकोनी, जगदीशपुर, एमबीडी बांध में सियरकला, पड़रिया में लेखपाल व सेक्रेटरी की ड्यूटी लगा दी गई है।

इसी तरह नदी के किनारे बसे गांवों में बाढ़ आने पर बाढ़ शराणालय प्राथमिक विद्यालय चकिया, प्राथमिक विद्यालय सोनहन, जूनियरहाई स्कूल किशुनपुर, जयनारायण इंटर कॉलेज तिघरा, जूनियर हाई स्कूल डेबरी में बाढ़ से प्रभावित लोगों को ठहरने का इंतजाम किया गया है।

आगे बताया कि क्षेत्र में कुल 70 नावें मौजूद हैं। जरूरत पड़ने पर लगा दी जाएगी। दूसरी तरफ प्रति वर्ष बाढ़ से प्रभावित गांव के निवासी राममूरत, शिवशरन, कल्पनाथ, रामदेव आदि का कहना है कि नदी जिस तरह कटान कर रही है, उससे तो यही लगता है कि बाढ़ के पहले ही मकान नदी में समा जाएंगे।

प्रशासन प्रति वर्ष बाढ़ पीड़ितों की मदद करने के लिए बड़े बड़े दावा करता रहा है, लेकिन जब संकट समय आता है तो किसी का पता ही नहीं चलता है। बाढ़ से प्रभावित लोग खुले आसमान के नीचे बांध पर समय गुजारते हैं।
विज्ञापन


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें