ट्राई साइकिल से झाड़ू बेचने को मजबूर दिव्यांग मुहम्मद फिरोज अहमद ।
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बेलहर। नंदौर का दिव्यांग मुहम्मद फिरोज अहमद परिवार का खर्च चलाने के लिए ट्राई साइकिल से गांव-गांव घूम कर झाड़ू बेचता है और शाम को अपने घर के सामने तख्त पर अंडे की दुकान भी चलाता है।
उसने बताया कि पहले उसको दिव्यांग पेंशन और पिता को वृद्धावस्था पेंशन मिलती थी। एक साल से से वह भी बंद हो जाने से मुश्किलें बढ़ गई हैं। नंदौर निवासी 38 वर्षीय मुहम्मद फिरोज अहमद ने बताया कि वह बचपन से ही दिव्यांग है।
उसके पिता 65 वर्षीय अजहर नंदौर में साइकिल का पंक्चर बनाते हैं। वह दो भाई और उसकी सात बहनें हैं। छह बहनों की शादी हो चुकी है। छोटा भाई अफरोज (18) अभी पढ़ाई कर रहा है। उसे ट्राई साइकिल मिली है।
परिवार की माली हालत ठीक नहीं होने से उसने ट्राई साइकिल से ही झाड़ू बेचना शुरू कर दिया। शाम को अंडे की दुकान भी लगाता है। जैसे-तैसे परिवार का गुजर-बसर हो रहा है।
इस संबंध में डीएम भूपेंद्र एस चौधरी ने बताया कि जिला दिव्यांग कल्याण अधिकारी और जिला समाज कल्याण अधिकारी को पीड़ित की मदद करने कर निर्देश दिया है।