गोरखपुर। नगर निगम चुनाव में बसपा युवाओं को ज्यादा तवज्जो देने के मूड में है। पार्टी सूत्रों के माने तो पार्षद पद के लिए चुनाव में उतारे जाने वाले प्रत्याशियों में युवाओं को प्रमुखता दी गई है। वहीं मेयर पद के लिए टिकट का दावा ठोंक रहे लोगों में से सामाजिक और जातिगत समीकरण साधने वाले पर पार्टी दांव लगा सकती है। चयन की प्रक्रिया में आजमगढ़ में पार्टी सुप्रीमो मायावती की रैली में ज्यादा सक्रिय और भीड़ जुटाने वाले दावेदारों को प्राथमिकता दी गई है। सोमवार देर रात तक बड़े नेताओं ने बैठकर कर सूची फाइनल की। मंगलवार को प्रत्याशियों के नाम घोषित किए जा सकते हैं।
मेयर का चुनाव लड़ने के लिए पार्टी के छह नेताओं ने अपनी दावेदारी पेश की है। इनमें एक यादव, एक मुस्लिम और दो-दो दावेदार कर्मी और निषाद समाज के हैं। चयन प्रक्रिया में शामिल पार्टी के एक बड़े नेता ने बताया कि चयन में युवा दावेदारों को प्रमुखता दी गई है, इसके अलावा जातिगत समीकरण को भी ध्यान में रखा गया है। परिसीमन के चक्कर में चुनाव लड़ने से वंचित पार्षदों की ओर से दूसरे नेताओं की पैरवी को भी अहमियत दी गई है। पार्टी महानगर अध्यक्ष संजय पांडेय ने बताया कि सूची फाइनल है, शीर्ष नेतृत्व से अनुमति लेकर मंगलवार को पार्षद प्रत्याशियों की सूची घोषित करने की तैयारी है।