निर्माणाधीन चिड़ियाघर का निरीक्षण करने पहुंचे वन मंत्री दारा सिंह।
- फोटो : Amar Ujala
गोरखपुर। निर्माणाधीन चिड़ियाघर का निरीक्षण करने पहुंचे वन मंत्री दारा सिंह चौहान ने लखनऊ में 5000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में डायवर्सिटी पार्क बनाने का एलान किया। मंत्री ने कहा कि पार्क इको फ्रेंडली होगा। इसे टूरिज्म के बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इस तरह का पार्क देश के किसी दूसरे राज्य में नहीं होगा। यूपी सरकार का मकसद इको टूरिज्म को बढ़ावा देना है। इसका हब पूर्वांचल को बनाया जाएगा। गोरखपुर में इको पार्क बनाने का प्रस्ताव है।
चिड़ियाघर के निरीक्षण के बाद वन मंत्री ने मीडिया से कहा कि पूर्वांचल को इको टूरिज्म का हब बनाने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। पौराणिक, एतिहासिक स्थल और प्राकृतिक संसाधनों की जानकारी जुटाई जा रही है। गोरखपुर, कुशीनगर, संतकबीरनगर सहित अन्य जिलों में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। वन क्षेत्र भी खूब हैं। इसको ध्यान में रखकर ही पूर्वांचल को पर्यटन के नक्शे पर लाने की कवायद की जा रही है। विनोद वन को पर्यटन के लिहाज से और बेहतर बनाने का फैसला किया गया है। पर्यटन के लिहाज से गोरखपुर का रामगढ़ताल एक मिसाल है।
सैलानियों के लिए बनेंगे डाक बंगले
पर्यटकों को रिझाने के लिए डाक बंगले बनवाए जाएंगे। गोरखपुर मंडल में वन विभाग के तमाम पुराने डाक बंगले खाली हैं। इनकी मरम्मत कराई जाएगी। बंगले आधुनिक सुविधा-संसाधनों से लैस होंगे। नए डाक बंगले बनवाने के प्रस्ताव भी मांगे गए हैं।