गोरखपुर।
मेडिकल कॉलेज के रेडियोलॉजी डिपॉर्टमेंट में डॉक्टरों की कमी और उपकरणों की खराबी से मरीजों को सांसत झेलनी पड़ रही है। इसके चलते जांच कराने के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कई मरीज लंबी वेटिंग से परेशान होकर ज्यादा रकम खर्च कर बाहर से जांच करा रहे हैं।
रेडियोलॉजी विभाग में पहले नौ डॉक्टर तैनात थे। इनमें से पांच स्थायी और चार संविदा पर थे। पांच नियमित चिकित्सकों का स्थानांतरण हो गया। इसके बाद से ही चार संविदा चिकित्सकों और पांच टेकभनीशियन के सहारे ही रेडियोलॉजी विभाग का संचालन हो रहा है। इनमें से एक चिकित्सक एमआरआई, एक सिटी स्कैन, एक अल्ट्रासाउंड और एक एक्सरे के लिए तैनात हैं। ऐसे में इन पर काम का बोझ काफी है। वहीं पांच अल्ट्रासाउंड मशीनों में से तीन खराब हैं। एक्सरे की पांच मशीनों में भी सिर्फ दो ही काम कर रही हैं। इसके चलते भी दिक्कत आ रही है। मशीनों की खराबी से शरीर के कुछ विशेष हिस्सों की एक्सरे नहीं हो पा रही है। एक चिकित्सक की तैनाती होने से वेटिंग लंबी होती जा रही है।
अल्ट्रासाउंड के लिए आठ दिन का इंतजार
हर रोज अस्पताल में कई मरीजों को डॉक्टर अल्ट्रासाउंड कराने के लिए भेजते हैं। इन मरीजों को रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट में पहुंचने पर सात से आठ दिन बाद का नंबर दिया जा रहा है। इसका कारण उन्हें पिछले मरीजों की वेटिंग लिस्ट बताई जा रही है।