रविवार को काम के दौरान करीब 30 मीटर लंबाई में एम्स की बाउंड्रीवाल गिर गई।
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गोरखपुर। एम्स की बाउंड्रीवाल गिरने के मामले की जांच में प्राथमिक तौर पर ठेकेदार की लापरवाही की बात सामने आई है। जीडीए सचिव ने प्राथमिक रिपोर्ट उपाध्यक्ष को सौंप दी है। रिपोर्ट के मुताबिक दो जेई निर्माण की निगरानी करने के लिए मौके पर नहीं थे। जीडीए उपाध्यक्ष ने कहा है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप में ठेकेदार पर कार्रवाई की जाएगी।
नंदानगर क्रासिंग से रामगढ़ताल के पास एसटीपी तक करीब 1400 मीटर लंबे नाले का निर्माण हो रहा है। करीब आठ करोड़ की लागत से बन रहे इस नाले का 40 फ ीसदी काम पूरा हो चुका है। रविवार को काम के दौरान करीब 30 मीटर लंबाई में एम्स की बाउंड्रीवाल गिर गई। चार मजदूरों को मामूली चोटें आईं थीं।
उसके बाद जीडीए उपाध्यक्ष ने जीडीए सचिव को प्रकरण की जांच के निर्देश दिए थे। सोमवार को सचिव राम सिंह गौतम ने जीडीए उपाध्यक्ष को अपनी रिपोर्ट दी। रिपोर्ट में निर्माण के दौरान ठेकेदार की ओर से सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने का जिक्र किया गया है।
कमिश्नर, जीडीए वीसी पहुंचे गिरी बाउंड्रीवाल देखने
सोमवार को कमिश्नर ने जीडीए के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर बाउंड्री गिरने के कारणों की जानकारी हासिल की। दोपहर बाद जीडीए उपाध्यक्ष अमित सिंह बंसल भी इंजीनियरों के साथ निरीक्षण करने पहुंचे। उपाध्यक्ष ने मलबा निकाल कर जल्द निर्माण शुरू करने के निर्देश दिए। वहीं जलनिगम के अधिकारी भी पूरे दिन निर्माण का जायजा लेते नजर आए। जलनिगम की तरफ से जीएम आरके बंसल, मुख्य अभियंता ओपी सिंह और रतनसेन सिंह ने भी जायजा लिया। जलनिगम के इंजीनियरों ने बताया कि उनकी तरफ से काम पूरा हो गया है।