जिला स्टेडियम में बुधवार को बहुप्रतीक्षित तरणताल के गेट को तैराकों के लिए खोल दिया गया।
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सिद्धार्थनगर। जिला स्टेडियम में बुधवार को बहुप्रतीक्षित तरणताल के गेट को तैराकों के लिए खोल दिया गया। भव्य समारोह के बीच सूबे के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री चेतन चौहान ने इस तरणताल का विधिवत लोकार्पण किया। करीब 5.92 करोड़ की लागत से बने तरणताल के निर्माण में दस साल का वक्त लगा। वर्ष 2004 में तत्कालीन खेलमंत्री व शोहरतगढ़ विधायक स्व.दिनेश सिंह ने इस तरणताल का प्रस्ताव भेजा था। इसके बाद निर्माण वर्ष 2008-09 में शुरू हुआ था। जिला स्टेडियम में आयोजित समारोह में खेलमंत्री ने तरणताल के निर्माण में देरी के लिए पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यप्रणाली को जिम्मेदार बताया। कहा कि सपा सरकार को सिर्फ इटवा-सैफई का विकास दिखता था और बसपा को पत्थरों की मूर्तियां बनवाने में दिलचस्पी थी। खेल-खिलाड़ियों की बेहतरी के लिए पूर्ववर्ती सरकारों ने कोई काम नहीं किया। उन्होंने स्टेडियम में जल्द ही तैराकी के विशेषज्ञ कोच व अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। कहा कि जल्द ही आचार संहिता लगने वाली है। इसलिए उद्घाटन कर दिया गया। कोच व सुविधाएं भी जल्द मिल जाएंगी। आसपास के जिलों के लिए सिद्धार्थनगर तैराकी का केंद्र बनेगा। समारोह में सांसद जगदंबिका पाल, जिलाध्यक्ष रामकुमार कुंवर, विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, श्यामधनी राही, डॉ.सतीश द्विवेदी, चौधरी अमर सिंह, चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव, दीपक मौर्य, कौशलेंद्र त्रिपाठी, शक्ति जायसवाल सहित डीएम कुणाल सिल्कू, सीडीओ अनिल कुमार मिश्र, एएसपी अरविंद मिश्र, ज्वाइंट डायरेक्टर अनिल कुमार बनौधा, क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी चंद्रमौली पांडेय, जिला क्रीड़ाधिकारी राजकुमार, उपक्रीड़ाधिकारी फरीदा सिद्दीकी आदि मौजूद रहे। संचालन दिलीप चतुर्वेदी ने किया।
सपा सरकार में भी हुआ था लोकार्पण ः सिद्धार्थनगर। खेल मंत्री ने जिला स्टेडियम में बुधवार को जिस तरणताल का लोकार्पण किया, उसका लोकार्पण सपा सरकार में भी हो चुका है। विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले 19 दिसंबर 2016 को सूबे के विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने लोहिया कला भवन में आयोजित समारोह में विधायक विजय पासवान व अन्य नेताओं की मौजूदगी में इस तरणताल का लोकार्पण किया था। तरणताल की दीवारों में जड़ने के लिए यह शिलापट्ट भी मौजूद था। काफी दिनों तक यह शिलापट्ट तरणताल परिसर में रहा, मगर बाद में इसे हटा दिया गया। बुधवार को भी यह शिलापट्ट कहीं नजर नहीं आया। इस बाबत जिला क्रीड़ाधिकारी राजकुमार का कहना था कि दिसंबर में ही उन्होंने कार्यभार संभाला था। लिहाजा उनके संज्ञान में यह मामला नहीं है। पता कराएंगे।