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जीएसटी के विरोध में अधिवक्ता हड़ताल पर

Wed, 25 Oct 2017 10:54 PM IST
Siddharth Nagar
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धरना देते अधिवक्ता - फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। टैक्स बार एसोसिएशन ने बुधवार को शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर कार्य बहिष्कार किया। जीएसटी के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं को लेकर 17 सूत्री मांगों का ज्ञापन पंजीकृत डाक से प्रधानमंत्री व वित्त मंत्री को भेजा। टैक्स बार एसोसिएशन के महामंत्री प्रशांत कुमार पाठक ने कहा कि नए कानून को देखते हुए विलंब शुल्क की व्यवस्था मार्च 2018 तक स्थगित की जाए। फार्म-3बी में विलंब पर दंड समाप्त किया जाए। यह प्रक्रिया जीएसटी का अंग नहीं है। व्यापारी की ओर से जमा विलंब शुल्क स्वत: कैश लेजर में जमा कर लिया जाए। जीएसटी के नए कानून को देखते हुए प्रस्तुत किए गए विभिन्न प्रपत्रों की त्रुटियों को दूर करने की व्यवस्था हो। एचएसएन कोड अव्यवहारिक होने के कारण उसे तत्काल समाप्त किया जाए। कर की विभिन्न दरों का वर्गीकरण कम हो। जीएसटी कानून में संशोधन से पहले व्यापार मंडल, अधिवक्ताओं से भी सुझाव लिया जाए। जीएसटी कौंसिल में वरिष्ठ अनुभवी अधिवक्ताओं को भी सम्मिलित किया जाए। जिला व प्रदेश स्तर पर भी जीएसटी सलाहकार मंडल गठित करने की मांग को शासन संज्ञान में ले। अध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने बैठक की अध्यक्षता किया। इस दौरान वरिष्ठ उपाध्यक्ष बीएन अग्रहरि, कनिष्ठ उपाध्यक्ष संजय यादव, कोषाध्यक्ष अजय जायसवाल, संयुक्त मंत्री राजेश गुप्ता, एचएन द्विवेदी, प्रहलाद जायसवाल, अतुल श्रीवास्तव, अनूप कुमार श्रीवास्तव, रिपुंजय सहाय, महातम प्रसाद गुप्ता, अमित त्रिपाठी, मनोज कुमार, नीरज अग्रहरि, रामकृष्ण गोपाल, शांतनु दुबे, विपिन त्रिपाठी, विजय शंकर मणि त्रिपाठी, संदीप द्विवेदी, नवीन वर्मा आदि मौजूद रहे।
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