गोरखपुर। एनआईसी के सर्वर ने किसानों की कर्जमाफी की प्रक्रिया पर ब्रेेक लगा दी है। स्वीकृत लाभार्थियों के आधे से कम के डाटा की फीडिंग हो पायी है। पहले चरण में फीडिंग का शनिवार को अंतिम दिन है।
गोरखपुर जनपद में 76533 किसानों को कर्जमाफी का लाभ मिलना है। इनमें पूर्वांचल बैंक के 42,711, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के 15,563, इलाहाबाद बैंक के 7408, आंध्रा बैंक के 228, एक्सिस बैंक के 5, बैंक ऑफ बड़ौदा के 248, बैंक ऑफ इंडिया के 117, बैंक ऑफ महाराष्ट्र के 20, केनरा बैंक के 133, सेंट्रल बैंक के 1905, कार्पोरेशन बैंक के 71, देना बैंक के 6, एचडीएफसी के 14, आईडीबीआई के 4, इंडियन बैंक के 2, इंडियन ओवरसीज बैंक के 52, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के 102, पंजाब नेशनल बैंक के 4917, यूको बैंक के 2439, यूनियन बैंक के 1566, विजया बैंक के 23 लाभार्थी शामिल हैं। सबसे ज्यादा लाभार्थी पूर्वांचल बैंक के खाताधारक हैं। लेकिन पूर्वांचल बैंक के सभी प्रबंधक ऋणमाफी संबंधी डाटा की फीडिंग न होने से परेशान हैं। ऐसे में काफी संख्या में लाभार्थियों को कर्जमाफी का लाभ मिलने के लिए महीनों तक इंतजार करना पड़ सकता है।
1065 में केवल 225 की हुई है फीडिंग
ग्रामीण इलाकों में सर्वर की ज्यादा दिक्कत है। दिन के अलावा रात में भी फीडिंंग का काम कर रहे हैं, लेकिन शुक्रवार तक 1065 लाभार्थी किसानों में से मात्र 225 की ही फीडिंग हो सकी है। इसके बाद शनिवार को जितने किसानों का डाटा फीड हो सकेगा, उसकी रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
- डीके श्रीवास्तव, शाखा प्रबंधक, पूर्वांचल बैंक, पीपीगंज
रात 11-12 बजे के बाद ही सर्वर कर रहा काम
विभाग के सारे अधिकारी सरकार की कर्जमाफी योजना को सफल बनाने में जुट हैं। पात्र पाए गए करीब 42 हजार लाभार्थियों का डाटा फीड करना है, लेकिन अभी तक मात्र 11 हजार लाभार्थियों का ही डाटा फीड हो पाया है। क्योंकि एनआईसी का सर्वर रात 11-12 बजे के बाद ही थोड़ा काम कर पा रहा है। इसके बावजूद हमारे अधिकारी और कर्मचारी इसमें लगे हुए हैं।
= एके सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक, पूर्वांचल बैंक
22 जुलाई तक फीडिंग की सूचना भेजेंगे
शनिवार को कर्जमाफी वाले पात्र लाभार्थियों के डाटा की फीडिंग की अंतिम तिथि है। शनिवार तक जितने लाभार्थियों की फीडिंग हो पाएगी, उनकी डिटेल शासन को भेजी जाएगी। संभावना है कि 15 अगस्त से इन लाभार्थियों को प्रमाणपत्र मिलने लगेगा। कर्जमाफी स्वीकृत होने के बाद सभी खाताधारकों को इसकी जानकारी हो जाएगी। वहीं स्वीकृति के बाद जिला स्तर, तहसील स्तर और ग्राम स्तर पर कैंप आयोजित कर प्रमाणपत्र का वितरण किया जाएगा।
- सुभाष चंद्र, लीड बैंक मैनेजर