फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीएससी का ऑनलाइन कोर्स 15 अगस्त को होगा लांच

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विवेक सिंह
गोरखपुर। फिजिक्स की पढ़ाई को रूचिकर और गुणवत्तापरक बनाने के लिए आईआईटी कानपुर से सेवानिवृत्त प्रो. एचसी वर्मा ने कई ऑनलाइन कोर्स संचालित करते हैं। इसी तर्ज पर 15 अगस्त से वह क्वांटम मैकेनिक्स पर आधारित ऑनलाइन कोर्स की शुरूआत करने जा रहे हैं। इसके लिए आईआईटी कानपुर और उनके बीच करार हुआ है। इच्छुक विद्यार्थी https://bsc.hcverma.in पर पंजीकरण करा सकते हैं।
विज्ञापन


प्रो. वर्मा ने बताया कि बीएससी में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अपेक्षित सुविधाएं कम मिलती है। इस वजह से उनकी नींव कमजोर होती जा रही है। इसे मजबूत बनाने के लिए ऑनलाइन कोर्स की शुरूआत की जा रही है। हिंदी माध्यम से संचालित होने वाले इस कोर्स के लिए विद्यार्थियों को कोई पंजीकरण शुल्क नहीं देना होगा। तीन महीने के कोर्स में दाखिला लेने के विद्यार्थियों को महज एक स्मार्टफोन और डाटा की जरूरत होगी। बच्चे इसमें शिक्षकों से ऑनलाइन सवाल पूछ सकेंगे। सप्ताह में तीन दिन मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को एक-एक लेक्चर अपलोड किया जाएगा। हर लेक्चर को पोर्टल पर अपलोड करने में कुछ अंतराल रखा गया है। ताकि विद्यार्थी वीडियो देखने के बाद अपनी जिज्ञासाओं को विशेषज्ञों के पूछ तक शांत कर सकें। दो सप्ताह के बाद परीक्षा होगी। पांच परीक्षाएं पास करने के बाद आईआईटी कानपुर विद्यार्थियों को ऑनलाइन कोर्स पूरा करने का प्रमाण पत्र भी देगा।

रिलेटीविटी का कोर्स अभी हुआ खत्म

प्रो. वर्मा की ओर से चलाए गए कोर्स में रिलेटीविटी का ऑनलाइन कोर्स हाल ही मेें खत्म हुआ। इस कोर्स में 18 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था। कोर्स के दौरान विद्यार्थियों ने 3400 सवाल पूछे। उन्होंने बताया कि इस अभियान की शुरूआत 2016 में हुई थी।

शिक्षकों भी हो रहे लाभान्वित

प्रो. एचसी वर्मा की कक्षाओं से आईआईटी कानपुर समेत अन्य विद्यालयों के शिक्षक भी लाभान्वित हुए हैं। प्रो. वर्मा अब तक करीब 15 हजार शिक्षकों के साथ काम कर चुके हैं। उनमें 400-500 शिक्षक आज भी उनसे गुरुमंत्र लेकर अपने विद्यालयों में बच्चों को फिजिक्स की बारीकियां और गुर सिखा रहे हैं। प्रो. वर्मा ने बताया कि साइंस की प्रयोगशाला में मौजूद उपकरण बच्चों को वह ज्ञान नहीं दे सकते, छोटी-छोटी वस्तुओं से शिक्षक अपने छात्रों को फिजिक्स की कठिन बातें भी आसानी से सिखा सकते हैं।

बच्चों को कोचिंग में झोंकने से बचे

प्रो. एचसी वर्मा ने रिसर्च की तरफ आने वाले युवाओं की घटती संख्या पर चिंता जताई है। कहा कि आठवीं और नौवीं की कक्षाओं से ही बच्चों को कोचिंग सेंटर में झोंक दिया जा रहा है। इस वजह से उनकी कुछ नया सोचने की क्षमता प्रभावित हो रही है। जब तक बच्चों में खुद से सोचने, नए तरीकों को बढ़ावा देने, आपसी संवाद, समस्याओं से जूझने की क्षमता विकसित नहीं होगी। उनका बौद्धिक विकास नहीं हो सकता। रिसर्च के क्षेत्र में युवा आने की बजाय पैकेज के पीछे भाग रहे हैं। यही वजह है कि विज्ञान के क्षेत्र में भारत ने विकास तो किया है, मगर इसकी रफ्तार अब भी अमेरिका, चीन सरीखे देखों की अपेक्षा धीमी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें