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चकरोड के विवाद में हुआ था स्कूल संचालक का कत्ल

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संतकबीरनगर। चकरोड की पैमाइश के विवाद में स्कूल संचालक रवींद्र चौधरी की हत्या की गई थी। पुलिस ने आरोपी प्रधान के पति और बहनोई समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। एएसपी अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि महुली क्षेत्र के केवटली गांव निवासी स्कूल संचालक रवींद्र चौधरी की दो अगस्त को अजांव चौराहे के पास शीशम के पेड़ से फंदे से लटकती लाश मिली थी। स्कूल संचालक के चचेरे भाई झीनक उर्फ श्रीराम चौधरी की तहरीर पर प्रधान के पति पवन कुमार ओझा और उनके पिता रामानुज ओझा निवासी अजाव और बब्बू पांडेय निवासी केवटली और दो अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज हुआ था। पीएम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या की बात सामने आई थी। एसपी ने पर्दाफाश करने के लिए इंस्पेक्टर महुली संजय नाथ तिवारी और स्वाट प्रभारी राजकुमार यादव को लगाया गया था। महुली और स्वाट की संयुक्त टीम ने घोरहट स्थित पेट्रोल पंप के पास से घटना में संलिप्त आरोपी प्रधान के पति पवन ओझा, उनके बहनोई पप्पू तिवारी निवासी बेल्डुआ, अर्जुन उर्फ बब्लू उपाध्याय और इंद्रेेश उर्फ बब्बू पांडेय निवासी केवटली को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गांव के राजेंद्र विश्वकर्मा ने पूर्व में सीएम को प्रार्थना पत्र भेजकर शिकायत की थी कि गांव के चकरोड को वीरेंद्र तिवारी ने कब्जा कर लिया है। पैमाइश में बाद पूर्व प्रधान के बेटे पवन पांडेय और प्रधान के पति पवन ओझा के बीच विवाद हो गया था। मारपीट की घटना में पूर्व प्रधान के बेटे पवन पांडेय ने माफी मांग ली गई थी, लेकिन झीनक चौधरी आदि की ओर से माफी नहीं मांगी गई थी। उसी का बदला लेने के लिए सुलह समझौते से तीन पहले ही प्रधान के पति पवन ओझा ने अपने बहनोई और अन्य तीन सहयोगियों के साथ मिल कर साजिश रची और एक अगस्त की रात हत्या की घटना को अंजाम देकर शव को पेड़ से लटका कर आत्महत्या की शक्ल देने की कोशिश की। पकड़े गए चारों आरोपियों के अलावा घटना में पांचवां आरोपी संदीप उपाध्याय पुत्र सूर्य नारायन उपाध्याय निवासी महुली रोड भी शामिल रहा है। फरार आरोपी संदीप की भी तलाश की जा रही है।
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बारिश के बीच महिलाओं का महुली थाने में प्रदर्शन
धनघटा। स्कूल संचालक की हत्या का पर्दाफाश फर्जी तरीके के करने की भनक लगते ही बुधवार दोपहर महिलाएं थाने पहुंची और बारिश के बीच प्रदर्शन किया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने परिजनों और अन्य महिलाओं को समझा बुझाकर शांत कराया। केवटली निवासी स्कूल संचालक रवींद्र चौधरी की हत्या के मामले में पुलिस ने प्रधान के पति पवन ओझा उनके बहनोई हरिरूद्र उर्फ पप्पू तिवारी और केवटली के ही इंद्रेश पांडेय उर्फ बब्बू पांडेय और बब्लू उपाध्याय उर्फ अर्जुन उपाध्याय को गिरफ्तार करके जेल भेजने की तैयारी शुरू कर दी थी। यह सूचना जैसे ही गांव में हुई, ग्राम प्रधान पंकज देवी के नेतृत्व में गांव की काफी संख्या में महिलाएं थाने पहुंच गईं और आरोपियों को छोड़ने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। तेज बारिश भी महिलाओं के आक्रोश को कम नहीं कर पाई। महिलाओं को थाने में आता देखकर पुलिस के हाथ पांव फूल गए। तत्काल थाने के लॉकअप की सुरक्षा में बढ़ाई गई। प्रधान ने आरोप लगाया कि चुनावी रंजिश को लेकर उनके पति को हत्या के फर्जी मामले में फंसाया गया है। पुलिस मामले का सही पर्दाफाश नहीं कर पाई तो नाकामी पर पर्दा डालने के लिए निर्दोष लोगों को जेल भेजने की तैयारी कर रही है। महिलाओं ने चेतावनी दी कि अगर इस हत्याकांड की मजिस्ट्रेटी जांच नहीं हुई तो महिलाएं आर पार की लड़ाई लड़ने को मजबूर होंगी। इंस्पेक्टर संजय नाथ तिवारी के द्वारा काफी देर तक समझाने के बाद महिलाएं वापस जाने को तैयार र्हुइं। पुलिस ने महिलाओं के प्रदर्शन की वीडियोग्राफी भी कराई।

महिलाओं का विलाप देख द्रवित हुए लोग
धनघटा। स्कूल संचालक की हत्या के मामले में विरोध कर रही महिलाओं रौद्र रूप देख जहां पुलिस सकते में आ गई। वही महिलाओं का करुण क्रंदन ने थाने में मौजूद लोगों को हिला कर रख दिया। शायद ही कोई ऐसा रहा हो जो महिलाओं के चीत्कार से द्रवित न हुआ हो।
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