गोरखपुर। गोरखपुर मेट्रो का डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने के लिए सर्वे का काम आखिरी चरण में है। हाउसहोल्ड सर्वे के तहत तय 4700 घरों में सर्वेयर की टीम दस्तक दे चुकी है। इसके अलावा रेलवे स्टेशन पर महत्वपूर्ण ट्रेनों के एसी और स्लीपर कोच के साथ ही एयरपोर्ट पर यात्रियों से मेट्रो को लेकर सर्वे पूरा हो चुका है। इसी तरह शहर के तमाम रुटों, चौराहों, तिराहों पर यातायात दबाव के साथ ही टीम शैक्षणिक संस्थानों, दफ्तरों और फैक्ट्रियों में काम करने वालों का भी सर्वे कर चुकी है। सर्वे कंपनी एसटीसी (श्वेता टेकभनोफाइल कंसलटेंट) के 13 जुलाई तक डीपीआर तैयार करने वाली कंपनी राइट्स को रिपोर्ट सौंप देने की उम्मीद है।
यातायात दबाव और यात्रियों की तलाश के साथ ही शहर में मेट्रो का रुट, जंक्शन और यार्ड तक के लिए जगह तय हो जाने की सूचना है। तीन तरह के रूट रेड, ब्लू और ग्रीन लाइन पर मेट्रो दौड़ेगी। शहर के भीतर सभी घनी आबादी वाले इलाकों मसलन, रेलवे स्टेशन, कचहरी, गोलघर, आदि स्थानों पर मेट्रो जमीन से करीब 60 से 100 फीट नीचे दौड़ेगी। बाहरी इलाकों में मेट्रो जमीन से ऊपर से ही गुजरेगी।
सूत्रों के मुताबिक बरगदवां से गोरखनाथ मंदिर, धर्मशाला होते हुए रेलवे स्टेशन तक रेड लाइन बिछाए जाने की योजना है। इसी तरह देवरिया बाईपास से यूनिवर्सिटी और फिर एयरपोर्ट तक ब्लू लाइन पर मेट्रो चलेगी। रेलवे स्टेशन से कचहरी तक रेड लाइन बिछाई जाएगी। ऐसे ही अन्य रूटों के लिए भी लाइनें तय हो जाने की सूचना है। तीनों लाइनों का निर्माण भी अलग-अलग फेज में किया जाएगा।
उधर, मेट्रो की कार्यदायी संस्था राइट्स की एजीएम सुजाता ने गुरुवार को जीडीए पहुंचकर सर्वे के काम का जायजा लिया। शुक्रवार को कमिश्नर मेट्रो के कामों की समीक्षा करेंगे। इस दौरान सर्वे करने वाली कंपनी की तरफ से पावर प्रजेंटेशन दिया जाएगा। बैठक में राइट्स की एजीएम, लखनऊ मेट्रो के चीफ आर्किटेक्ट रवि जैन, जीडीए, लोनिवि और नगर निगम के अफसर भी रहेंगे। वहीं सर्वे करने वाली टीम ने गुरुवार को झरना टोला स्थित नीना थापा इंटर कालेज में विद्यार्थियों को मेट्रो के बारे में जानकारी दी।