राजन राय
गोरखपुर। बशारतपुर में बेटी के साथ आत्मघाती कदम उठाने वाली शोभा और उनके पति डॉ. सुभाष प्रजापति के रिश्तों में तनाव की शुरुआत ढाई साल पहले हुई। सुभाष के ससुर की मौत के बाद ससुराल में संपत्ति के बंटवारे को लेकर साले और साली आमने-सामने आ गए। सुभाष के साले का पक्ष लेने और पत्नी शोभा का लगाव अपनी अधिवक्ता बहन गंगा से होने के कारण संपत्ति को लेकर भाई-बहन के बीच गहराया विवाद तो नहीं सुलझा, उल्टे शोभा और सुभाष के दांपत्य जीवन में खटास बढ़ती चली गई। रिश्तों में जन्मी यह दरार पति-पत्नी के बीच दूरी की वजह बन जाएगी, ऐसा शायद किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था।
डॉ. सुभाष और उनकी पत्नी का पारिवारिक सफर दस सालों तक बहुत खुशियों वाला रहा, लेकिन डॉ. सुभाष के ससुर की मौत हुई हालात बदल गए। शोभा की अधिवक्ता बहन और दिल्ली में प्राइवेट जॉब करने वाले भाई के बीच गांव की खेती और महराजगंज कस्बे में कीमती मकान को लेकर बढ़े बवाल की आंच डॉक्टर के दांपत्य जीवन तक पहुंच गई। आए दिन दोनों में मारपीट और विवाद होने से घर का माहौल अनुकूल नहीं रहा। हालांकि डॉक्टर सुभाष और शोभा दोनों बच्चों की बेहतर तालीम को लेकर एकमत थे। करीब डेढ़ साल पहले दोनों सहमति से बशारतपुर स्थित आवास में रहने आए। तनाव के बीच भी दोनों का बच्चों से लगाव था। यही वजह थी कि सुबह जहां बच्चों को स्कूल तक पहुंचाने का जिम्मा डॉ. सुभाष का था तो घर लाने की जिम्मेदारी शोभा निभाती थीं। कभी-कभी डॉक्टर के माता-पिता भी बेटे, बहू और पोता-पोती के साथ रहने आ जाते थे।
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तीन बीघा खेती की जमीन और मकान के स्वामित्व को लेकर बढ़ा विवाद
गोरखपुर। डॉक्टर दंपती से जुडे़ लोगों का कहना है कि ससुराल में तीन बीघा खेती की जमीन और मकान के स्वामित्व को लेकर विवाद बढ़ा। महराजगंज के सहरौजी गांव स्थित डॉक्टर की ससुराल में तीन बीघा खेती और महराजगंज कस्बे में कीमती मकान को उनके सुसर और सास ने बेटी गंगा के नाम कर दिया। गंगा के भाई ने इस मामले में काफी विरोध किया था। डॉक्टर भी अपने साले के पक्ष में खड़े हो गए थे। इसके बाद से ही डॉक्टर का ससुराल से नाता खत्म हो गया और वह पत्नी को भी संपर्क न रखने की हिदायत देते थे।
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तीन अगस्त को थाने में हुई थी पंचायत
गोरखपुर। डॉक्टर सुभाष और उनकी पत्नी शोभा के बीच रिश्तों में अनबन बढ़ी तो शोभा मायके जाने की जिद करने लगीं, जबकि डॉक्टर इसके खिलाफ थे। एक दिन शोभा बच्चों के साथ मायके चली र्गइं। पति ने उन्हें लाने की कोशिश की तो शोभा ने पुलिस के सामने उत्पीड़न का आरोप लगा दिया। महराजगंज के कोतवाली थाने में इसे लेकर पंचायत भी हुई थी जिसके बाद शोभा अपने पति के साथ आने को तैयार हुई थीं।
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शोभा के कदम से हैरान मोहल्ले वाले
गोरखपुर। बशारतपुर के शक्तिनगर के लोग भी शोभा के आत्मघाती कदम से हैरान हैं। हालांकि इस मामले में लोग खुलकर बोलने से बच रहे हैं। दबी जबान चर्चा में महेंद्र पांडेय ने खुद अचरज जाहिर किया। कहा, शोभा ने इतना बड़ा कदम कैसे उठा लिया, समझ से परे है। राजमन और उनकी पत्नी का कहना था कि दोनों के रिश्ते बेहतर नहीं थे लेकिन ऐसी नौबत भी नहीं थी कि कदम जान देने की हद तक बढ़ जाएं। पड़ोस की एक महिला ने बताया कि शोभा कुछ दिनों से बहुत एकांत में रहने लगी थीं। मोहल्ले के लोगों से भी कटी रहती थीं, जबकि बच्चे घर के बाहर खेलते थे।
आमने-सामने लगाएं (दोनों की फोटो के साथ)
गंगा के दखल से बिखर गईं खुशियां
गोरखपुर। पत्नी के आत्मघाती कदम उठाने के बाद से शाहपुर पुलिस की हिरासत में वक्त गुजार रहे दंत चिकित्सक सुभाष प्रजापति को जहां पत्नी और बेटी को खोने का मलाल है वहीं पत्नी शोभा की बहन गंगा के रवैये को लेकर गुस्सा भी है। उनका कहना है कि गंगा का दखल उनके परिवार में जरूरत से ज्यादा था। इसे लेकर कई बार मैंने पत्नी को आगाह किया था। साजिश के तहत मेरे परिवार की खुशियां बिखेर दी गईं। सुभाष का आरोप है कि यह सब कुछ गंगा ने जानबूझकर किया। उनके उकसाने से ही पत्नी ने आत्मघाती कदम उठाया है। गंगा की नजर सुसराल की संपत्ति पर थी, जब इसका विरोध किया गया तो उसने ऐसा करके बदला लिया। सुभाष ने कहा कि गंगा मेरी पत्नी से बगैर मेरी जानकारी के रुपये भी लेती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले जब गंगा ने एक बाइक खरीदी तो उसने मेरी पत्नी से 25 हजार रुपये लिए। गंगा ने साले का हक भी छीन लिया।
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डॉक्टर हैं बहन और भांजी की मौत के जिम्मेदार
गोरखपुर। अधिवक्ता गंगा प्रजापति ने अपनी बहन शोभा और भांजी एंजल के कत्ल का आरोप बहनोई डॉ. सुभाष पर लगाया है। शाहपुर थाने में डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज कराने को लेकर दी गई तहरीर में भी उन्होंने इसका जिक्र किया है। केस दर्ज न होने और दोनों मासूम को भी न सौंपे जाने से आक्रोशित गंगा का कहना है कि खुदकुशी के पहले शोभा ने उन्हें सुसाइड नोट लिखने की बात बताई थी, जिसके बारे में मैंने पुलिस को बताया था पर सुसाइड नोट गायब कर दिया गया। वह कहती हैं बच्चों ने उन्हें कभी मौसी नहीं माना, बल्कि मां समझते थे। उन्होंने कहा कि अगर डॉक्टर व उनके परिवार वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई और मुझे इंसाफ नहीं मिला तो बहन की तरह मैं भी जान दे दूंगी। संपत्ति को लेकर डॉक्टर के आरोपों को उन्होंने एक सिरे से खारिज करते हुए उल्टे उन्हीं पर आरोप मढ़ दिए। कहा, मेरे पिता और मां ने अपनी मर्जी से संपत्ति मेरे नाम की। डॉ. सुभाष बार-बार बहन शोभा पर दबाव बनाते थे कि मुझसे संपत्ति अपने नाम करा लो। गंगा ने दावा किया कि उनके पास बातचीत की रिकार्डिंग भी है।