गोरखपुर। नगर निगम बोर्ड की बैठक में शहर को साफ सुथरा रखने पर जोर दिया गया। बैठक में कहा गया कि सफाई के लिए कई प्रावधान भी किए जाएंगे। बैठक में डीएम ने कहा कि 2019 में विकास नगर निगम की प्राथमिकता रहेगी। हर वार्ड में काम होगा। दूसरे नगरों और प्रदेशों में गोरखपुर की छवि एक गंदे शहर के रूप में है। इसे बदलने की आवश्यकता है। डीएम ने कहा कि जनवरी से स्वच्छ सर्वे शुरू हो रहा है। हमारी कोशिश है कि इसमें गोरखपुर बेहतर मुकाम हासिल करे।
शनिवार को मेयर सीताराम जायसवाल की अध्यक्षता में आयोजित बोर्ड की छठी बैठक का नजारा बदला हुआ था। न शोरगुल और न ही बेवजह हंगामा। प्रभारी नगर आयुक्त के तौर पर बैठक में आए जिलाधिकारी ने कहा कि सफाई के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। इसमें पार्षदों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। नगर निगम भी हरसंभव प्रयास कर रहा है। 60 मैजिक गाड़ियां आ चुकी हैं। हर वार्ड में दो गाड़ियों से कूड़ा उठाया जाएगा। दो हजार कूड़ेदान आ गए हैं। वार्डों में हर 50 मीटर पर इन्हें रखा जाएगा। सूखे और गीले कचरे के अलग-अलग निस्तारण के लिए वार्ड में हरे और नीले दोनों रंग के कूड़ेदान रखे जाएंगे। मेयर के धन्यवाद देने के साथ बोर्ड बैठक समाप्त हो गई। इस दौरान नगर निगम के तकरीबन सारे अधिकारी मौजूद रहे।
40 वार्डों में शुरू हुआ डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन
शहर के 70 वार्डों में से 40 में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन शुरू कर दिया गया है। हर घर से यूजर्स चार्ज के रूप में प्रति माह 50 रुपये और दुकानों से 100 रुपये का प्रावधान किया गया है। हालांकि हर घर से कूड़ा उठवाने का खर्च 225 रुपये प्रति माह आएगा लेकिन बेहतर सफाई के लिए बाकी खर्च फिलहाल नगर निगम उठाएगा।
हर वार्ड में बनेगा वार्ड दफ्तर, कर सकेंगे शिकायत
हर वार्ड में वार्ड दफ्तर बनेगा। अधिकांश वार्डों में इसके लिए जगह तलाश ली गई है। यहां पार्षदों के बैठने के साथ सफाई संबंधी सारे उपकरण रखने की भी व्यवस्था रहेगी। ऐसे में क्षेत्र के लोगों को अपनी शिकायतों के लिए नगर निगम दफ्तर नहीं आना होगा। डीएम ने पार्षदों से अपील करते हुए कहा कि विभिन्न वार्डों में नगर निगम की जमीन पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण की जानकारी दें, उन्हें हटाया जाएगा।