संतकबीरनगर।घर से जाने के दो घंटे बाद ही बस्ती में पॉलीटेक्निक छात्रा निशा की मौत की खबर सोमवार को जैसे ही उसके गांव कोतवाली क्षेत्र के दरुआ जप्ती पहुंची, लोग आवाक रह गए। घर के लोगों के रोने और बिलखने की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी जुट गए। होनहार बेटी की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया। आनन- फानन में घर वालों के अलावा गांव के तमाम लोग बस्ती के लिए निकल गए।
ग्राम प्रधान अशोक चौधरी ने बताया कि गांव के बालगोविंद चौधरी रोजगार के सिलसिले में भूटान में रहते हैं। जहां वे इलेक्ट्रानिक सामान बनाने वाली एक कंपनी में ऑपरेटर हैं। घर पर उनकी बूढ़ी मां कपूरा देवी, पत्नी लीलावती और तीन बेटियां रहतीं थीं। बड़ी बेटी 20 वर्षीय ज्योति स्नातक के बाद क्षेत्र के एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाती है। मझली बेटी निशा चौधरी(18) बस्ती में पॉलीटेक्निक की छात्रा थी। छोटी छह वर्षीय बेटी नित्या है। निशा पढ़ने में काफी होनहार थी। वह पढ़ाई के साथ ही ट्रैक्टर चलाने से लेकर खेतीबाड़ी का भी सब काम करती थी। बेटे की भी भूमिका अदा करने वाली बेटी पर परिवार के लोगों को बड़ा नाज था। पुरानी बस्ती क्षेत्र के खजवा में निशा अपने मामा के घर रहती थी। प्रत्येक शनिवार शाम को वह बाइक से घर आ जाती थी और फिर सोमवार को बाइक से ही बस्ती चली जाती थी। सोमवार सुबह साढ़े सात बजे के करीब निशा बाइक से बस्ती कॉलेज जाने के लिए घर से निकली थी। दो घंटे बाद ही बस्ती में पालीटेक्निक चौराहे पर ट्रक के कुचल देने से निशा की मौत हो जाने की घर वालों को खबर मिली। इससे घर वाले सहम गए। इधर, मां-दादी और बहनों का रो- रो कर बुरा हाल था। घर वाले और गांव के तमाम लोग बस्ती के लिए रवाना हो गए।