गोरखपुर। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने योग को आध्यात्मिक गहराइयों में डुबकी लगाने का आधार बताया और कहा कि योग के माध्यम से हम चराचर जगत के रहस्यों को जान सकते हैं। योग ऋषियों का प्रसाद है। योग के महत्व को वेदों से लेकर सभी ग्रंथों ने स्वीकारा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है।
सीएम ने ये बातें गोरखनाथ मंदिर में साप्ताहिक योग शिविर एवं शैक्षिक कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर कहीं। उन्होंने कहा कि योग शरीर से मन को जोड़ता है। आज योग मानवता को भी जोड़ रहा है। 21 जून को विश्व के दो सौ देश भारत के ऋषि प्रसाद को ग्रहण करेंगे। उस दिन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी होंगे। उनके साथ 55 हजार लोग योग करेंगे। उन्होंने कहा कि योग ऐसी विधा है जिसके माध्यम से असंभव कार्य भी संभव हो सकता है। उन्होंने कहा कि योग का प्रणेता गुरु गोरखनाथ को कहा जाता है। इस पीठ के उन्नयन में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ व अवेद्यनाथ का अहम योगदान रहा है, पर बाबा गंभीरनाथ के समय से ही यह पीठ ज्यादा चर्चाओं में रही। वह ऐसे योगी थे जो काया में प्रवेश कर संसार के रहस्य के बारे में जान जाते थे। उन्होंने इस संबंध में एक बंगाली युवक का दृष्टांत सुनाया। वह लंदन वैरिष्टर की पढ़ाई करने गया था। तय समय पर जब वह नहीं आया तो उसके घर वाले परेशान होकर बाबा के पास आए। अनुनय विनय के बाद उन्होंने कहा कि आधा घंटे बाद बताऊंगा। आधे घंटे बाद उन्होंने बता दिया कि कितने दिन बाद तुम्हारा बेटा आएगा। उधर, जब बंगाली युवक घर आया तो परिवार वाले उसे लेकर बाबा के पास पहुंचे। तब युवक ने कहा, महराज आप तो पानी की जहाज पर हमसे पूछ रहे थे कि कब घर पहुंचोगे। फिर यहां कैसे आ गए।
आदित्यनाथ ने योग दिवस के दिन सुबह छह से आठ बजे तक सभी से अपनी सहभागिता दर्ज कराने को कहा और बताया कि 21 जून को पार्कों, स्कूलों में योग शिविर आयोजित होगा। इस मौके पर उड़ीसा से पधारे शिवनाथ महराज ने योग पर विस्तार से जानकारी दी। कहा कि योग और प्राणायाम से सभी रोग दूर हो जाएंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं समापन वंदेमातरम से हुआ। इस अवसर पर सांसद जगदंबिका पाल, विधायक शीतल पांडेय, डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल, संत प्रसाद, विनोद पांडेय, प्रो. यूपी सिंह, प्रो. रामअचल सिंह, डॉ. सत्या पांडेय आदि मौजूद थीं।