नगरीय स्थानीय निकायों, जल संस्थानों और विकास प्राधिकरणों के कर्मचारियों की राज्य कर्मचारियों के समान वेतन बैंड, ग्रेड पे और संवर्गीय ढांचा दिए जाने की मांग से जुड़े प्रस्ताव पर प्रदेश कैबिनेट ने मंगलवार को मुहर लगा दी है।
इसके अलावा सरकार ने लखनऊ में 500 बिस्तरों वाले कैंसर इंस्टीट्यूट खोलने, आदर्श नगर योजना में 10 फीसदी निकाय अंश मिलाने की अनिवार्यता समाप्त कर दी है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में स्थानीय निकायों, जल संस्थानों, विकास प्राधिकरणों के सामान्य कोटि के पदों वाले कर्मियों को राज्य कर्मियों के समान वेतन बैंड, ग्रेड वेतन और ढांचा संवर्ग निर्धारित किए जाने की संस्तुति पर आंशिक संशोधन करते हुए सरकार में मुहर लगा दी।
इसके अंतर्गत इन संस्थानों के चतुर्थ श्रेणी कार्मिक, अवर अभियंता, वाहन चालक, लेखा एवं लेखा परीक्षा संवर्ग, लिपिकीय संवर्ग, आशुलिपिक संवर्ग, कम्प्यूटर संवर्ग और नर्सिंग संवर्ग आदि के पद आते हैं। इससे करीब करीब सवा लाख कर्मचारियों में से 70 हजार कर्मचारी सीधे लाभान्वित होंगे।
इसके अलावा विधि सहायक और विधि अधिकारी के संवर्ग को आपस में विलय का रास्ता साफ हो गया। नर्सिंग संवर्ग के पदों को मृत संवर्ग घोषित किया जाएगा। आगे नर्सिंग संवर्ग केपदधारकों की आवश्यकता पर भर्ती चिकित्सा विभाग के नर्सिंग संवर्ग पदधारकों से होगी।
कैबिनेट ने लखनऊ में 500 बिस्तरों वाले सुपरस्पेशियलिटी कैंसर संस्थान को खोलने को मंजूरी दे दी। इस संस्थान को चक गजरिया फार्म में मेडिसिटी के अंतर्गत 100 एकड़ जमीन पर खोला जाएगा।
इसके साथ ही सरकार ने आदर्श नगर योजना में 10 फीसदी निकाय अंश मिलाने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। इस योजना में अब पूरी राशि राज्य सरकार की ओर से दी जाएगी।