सात जनवरी को संपन्न होने जा रहे जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी अजय कुमार उपाध्याय ने रविवार को पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार यादव व नव निर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों के साथ बैठक की। डीएम ने सभी जिला पंचायत सदस्यों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार स्वतंत्र एवं निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराया जाएगा तथा सभी सदस्य निर्भीक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।
बैठक में जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने जिला पंचायत सदस्यों से वार्ता के क्रम में सभी सदस्यों की सुरक्षा के लिए उनके साथ पुलिस आरक्षियों की तैनाती मतदान के दिन तक के लिए तत्काल प्रभाव से कर दी है।
इस अवसर पर डीएम ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशियों को राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित किये गए नियमों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए 750 रुपये तथा अनारक्षित श्रेणी के लिए 1500 रपये नामांकन पत्र के लिए देय होंगे।
इसके साथ ही आरक्षित श्रेणी के लिए जमानत धनराशि पांच हजार एवं अनारक्षित श्रेणी के लिए जमानत राशि दस हजार रुपये होगी। प्रत्येक प्रत्याशी अधिकतम चार लाख रुपये व्यय कर सकेगा और उसे खर्च का ब्योरा भी सहायक निर्वाचन अधिकारी को निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराना होगा।
डीएम ने बताया कि अध्यक्ष जिला पंचायत का निर्वाचन अनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा होगा। मतदाता द्वारा मत स्वयं डाले जाएंगे। मतपत्र का रंग सफेद होगा।
इसमें कोई भी चुनाव चिन्ह नहीं होगा, केवल उम्मीदवार के नाम हिंदी में लिखे रहेंगे। मतदाताओं द्वारा मतपत्र पर कोई भी मुहर या निशान नहीं लगाना है, बल्कि उम्मीदवार के नाम के सामने अंग्रेजी अंकों में वरीयता क्रम में 1, 2 व 3 अंकित करना होगा।
एसपी प्रदीप कुमार यादव ने सभी जिला पंचायत सदस्यों को हर हाल में सुरक्षा मुहैया कराने का आश्वासन देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाहों में पड़ने की जरूरत नहीं है। सभी सदस्य स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तरीके से जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव कर सकेंगे।