राकेश शर्मा की फाइल फोटो व बिलखते परिजन। संवाद
बालपुर। बालपुर हजारी के अहिरन पुरवा निवासी राकेश शर्मा (33) की बिहार के हाजीपुर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव हाजीपुर के जिला अस्पताल की मोर्चरी में मिला। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ही निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिजनों का कहना है कि जब तक हत्या की रिपोर्ट दर्ज नहीं होगी, वे राकेश का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
राकेश नगर कोतवाली क्षेत्र के लकड़ी कारोबारी के यहां काम करते थे। पत्नी मनीषा के मुताबिक, कारोबारी के कहने पर राकेश 24 अगस्त को तगादा वसूलने ट्रेन से बिहार गए थे। 25 अगस्त सुबह आठ बजे कारोबारी से उनकी फोन पर बात हुई थी। इसके बाद मोबाइल बंद हो गया। देर रात तक संपर्क नहीं होने पर परिवार के लोग परेशान हो गए।
मनीषा के अनुसार कारोबारी से पटना जाने की बात कही गई तो उन्होंने पहले इन्कार किया। दबाव के बाद राकेश के भाई दुर्गेश के साथ कारोबारी हाजीपुर पहुंचे। वहां खोजबीन के दौरान जिला अस्पताल की मोर्चरी में राकेश का शव मिला। अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति राकेश को मृत अवस्था में अस्पताल छोड़ गया था। मनीषा ने लकड़ी कारोबारी और उसके चार साथियों पर हत्या की आशंका जताते हुए करनैलगंज कोतवाली में तहरीर दी है।
कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि आरोपी नगर कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले हैं और राकेश की गुमशुदगी की प्राथमिकी वहीं दर्ज है। नगर कोतवाल विंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि हाजीपुर में राकेश का पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
परिजन बोले-पहले हमारी सुनवाई हो
परिजनों का कहना है कि पहले उनकी सुनवाई हो, इसके बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। बृहस्पतिवार को राकेश का शव गांव पहुंचा तो परिवार में चीख-पुकार मच गई। बेटे की मौत से पिता राजेंद्र शर्मा, मां राधा देवी और पत्नी मनीषा का रो-रोकर बुरा हाल रहा। राकेश के तीन मासूम बच्चे अमन, आदित्य और मुन्ना पिता की मौत से अनजान घर के बाहर जुटी भीड़ को निहारते रहे। बच्चों को देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।