युवक की हत्या के बाद जांच करतीं सीओ सदर शिल्पा वर्मा। - संवाद
मुजेहना। धानेपुर के महतवडीह पृथ्वीपालगंज ग्रंट गांव में शुक्रवार देर रात एक युवक ने दृष्टिबाधित बड़े भाई को डंडे से पीटकर हत्या कर दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
गांव निवासी अधिवक्ता सत्यनारायण तिवारी ने बताया कि उनके छोटे बेटे विराट तिवारी का लंबे समय से मानसिक रोग का इलाज चल रहा था। बड़ा बेटा सुमित तिवारी (39) दृष्टिबाधित था। शुक्रवार रात दोनों भाई घर के पीछे बने कमरे में सोने गए थे। देर रात किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। इस पर विराट ने आपा खो दिया और कमरे में रखा डंडा उठाकर सुमित पर हमला कर दिया। विराट ने सुमित को इतनी बेरहमी से पीटा कि वह गंभीर रूप से घायल होकर वहीं गिर पड़ा। चोटें अधिक होने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के समय घर में बिजली नहीं आ रही थी। विराट का बड़ा भाई अमित इन्वर्टर चार्ज करने के लिए जेनरेटर चला रहा था। जेनरेटर की तेज आवाज के कारण कमरे से चीख-पुकार की आवाज घर के लोगों तक नहीं पहुंच सकी। शनिवार सुबह जब परिवार के लोग सोकर उठे तो कमरे का दृश्य देखकर होश उड़ गए। वहां सुमित का शव पड़ा था और विराट पास में ही बैठा था। सुमित का शव देखकर मां सरोज तिवारी बिलख पड़ीं। गांव के लोग भी मौके पर जुट गए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सीओ सदर शिल्पा वर्मा ने बताया कि पिता की तहरीर पर आरोपी विराट तिवारी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है। विराट को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटनास्थल से वारदात में प्रयुक्त डंडा बरामद हो गया है।
पिता को भी ईंट लेकर दौड़ाया
पिता ने बताया कि विराट का इलाज एक निजी चिकित्सक के यहां चल रहा था। सुधार न होने पर करीब दो वर्ष पहले दवाएं बंद कर दी गई थीं। परिजनों के अनुसार विराट का व्यवहार असामान्य था और वह कई बार लोगों पर ईंट-पत्थर भी फेंकता था। परिजनों ने बताया कि घटना से कुछ घंटे पहले ही विराट गांव के लोगों पर ईंट चला रहा था। पिता ने जब रोकने का प्रयास किया तो वह ईंट लेकर उनके पीछे दौड़ पड़ा। जान बचाने के लिए सत्य नारायण तिवारी को छत पर चढ़ना पड़ा था। हालांकि परिजनों को अंदेशा नहीं था कि वह इतनी बड़ी घटना को अंजाम दे देगा।
एक बेटे की मौत, दूसरे के जेल जाने से टूटा परिवार
इस घटना से सत्य नारायण के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मृतक सुमित पांच भाइयों में चौथे नंबर पर था। परिवार में अमित, अंकित, रिशु और विराट अन्य भाई हैं। एक बेटे की मौत और दूसरे बेटे के जेल जाने से मां सरोज तिवारी सदमे में हैं। घर में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी पूरे दिन घटना की चर्चा होती रही।