फोटो-5 गोंडा के जिला अस्पताल में एक्स-रे रिपोर्ट का फोटो खींचता युवक। -संवाद
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गोंडा। अगर आप को हड्डी संबंधी कोई तकलीफ है और आप जिला अस्पताल में इलाज कराने जाते हैं तो अपना स्मार्ट फोन साथ लेकर जरूर जाए। कैमरा वाला स्मार्ट फोन पास होने पर ही मरीज को उसकी एक्स-रे रिपोर्ट मिल सकेगी। जिला अस्पताल में बीते छह माह से बिना प्लेट के ही एक्स-रे जांच की खानापूर्ति की जा रही है। जिम्मेदार बजट न होने को इसका कारण बताकर चुप्पी साधे हैं। दूसरी तरफ मरीजों को निजी केंद्रों से महंगी जांच कर परेशानी उठानी पड़ रही है।
मरीजो कों मुफ्त में इलाज देने के नाम पर स्वास्थ्य विभाग हर महीनें लाखों के मेडिकल उपकरण व दवाओं की खरीद फरोख्त करता है लेकिन पिछले छह महीने से अस्पताल में एक्स-रे प्लेट खरीदने के नाम पर बजट का टोटा पड़ा है। इससे हड्डी संबंधी रोग का इलाज कराने के लिए आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल परिसर में बने क्षेत्रीय निदान केंद्र पर हर रोज करीब दो सौ मरीज एक्सरे जांच करवाने आते हैं। इनमें से सिर्फ उन्हीं मरीजों को एक्स-रे रिपोर्ट मिल पाती है जिनके पास कैमरा वाला स्मार्ट फोन होता है। स्मार्ट फोन न रखने वाले मरीजों को अस्पताल से बाहर जाकर निजी केंद्रों पर मनमाना शुल्क देकर महंगी जांच करानी पड़ती है।
मोबाइल से खींचना पड़ रहा फोटो
पिछले छह महीने से जिला अस्पताल में सिर्फ उन्हीं लोगों का एक्स-रे हो पा रहा है जिनके पास कैमरा वाली मोबाइल होती है। एक्स-रे टेक्नीशियन की माने तो यहां आने वाले गरीब लोगों व महिलाओं के पास अच्छे कैमरे वाली मोबाइल फोन नहीं होती जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं जिनके पास स्मार्ट फोन होता है वे फोटो खींचकर डॉक्टर को रिपोर्ट दिखाते हैं।
बजट के अभाव में एक्सरे प्लेट नहीं खरीदा जा रहा है, कई बार प्लेट के लिए पैसे की डिमांड की गई लेकिन बजट नहीं मिल पाया। एक्सरे प्लेट की व्यवस्था के लिए फिर से पत्र लिखा गया है। डॉ. सुरेंद्र कुमार रावत, प्रमुख अधीक्षक जिला अस्पताल