गोंडा। ठंड के कारण मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों की संख्या घट गई है, लेकिन इमरजेंसी में सांस व हृदय रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। शुक्रवार को हृदयाघात से एक बुजुर्ग की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं मेडिकल वार्ड में सांस व हृदयरोग से पीड़ित 19 मरीजों का उपचार चल रहा है।
ठंड का प्रकोप बढ़ने से सामान्य बीमारी के मरीज कम पहुंच रहे हैं। पिछले महीने तक जहां मेडिकल कॉलेज की विभिन्न ओपीडी में 1500 से अधिक मरीजों का उपचार हो रहा था, वहीं शुक्रवार को मात्र 776 मरीजों का पंजीकरण हुआ। जबकि ठंड जनित बीमारी से गंभीर स्थिति में मरीज अस्पताल के इमरजेंसी में पहुंच रहे हैं।
बलरामपुर शहर के निवासी मुमताज अहमद (74) को हार्ट अटैक के चलते मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, शुक्रवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं धानेपुर निवासी नीलू (32) को सांस लेने में दिक्कत के चलते इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है। शहर के ददुआ बाजार निवासी प्रेमलता सोनी (70) व धानेपुर क्षेत्र की रहने वाली जानकी देवी (72) को सांस की समस्या के चलते भर्ती कराया गया है। मेडिकल कॉलेज के मेडिकल वार्ड में सांस व हृदय की समस्या के चलते 19 मरीजों को भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। फिजीशियन डॉ. राकेश तिवारी ने बताया कि जनवरी में ठंड बढ़ने के बाद हृदय व सांस के मरीजों की संख्या बढ़ी है। ठंड के मौसम में नसें सिकुड़ने लगती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और हार्ट अटैक का खतरा रहता है।