सोमवती अमावस्या पर सोमवार को सुहागिनों ने व्रत रखकर पीपल वृक्ष की पूजा की और अपने पति की लंबी आयु की प्रार्थना करते हुए अखंड सुहाग की मनोकामना की। सोमवती अमावस्या पर भोर से ही महिलाएं नगर के हाउसिंग कॉलोनी स्थित पार्क, गायत्रीपुरम चौराहा, बादशाह बाग चौराहा सहित अन्य स्थानों पर पीपल वृक्ष के नीचे एकत्र हो गईं।
स्नान-ध्यान कर घर से पूजन सामग्री लेकर आईं सुहागिनों ने अपने पति की लंबी उम्र के लिए मनोकामना करते हुए पूजा की। पीपल वृक्ष का दूध, जल, पुष्प, अक्षत, चंदन से पूजन के बाद सुहागिनों ने 108 बार धागा लपेट कर पेड़ की परिक्रमा की और धान, पान तथा खड़ी हल्दी से तैयार मिश्रण को तुलसी महरानी की जड़ पर चढ़ाया।
घर पहुंचकर सुहागिनों ने खीर बनाकर पितरों को भोग लगाया और फिर ब्राह्मणों को भोजन कराया। वहीं, सोमवती अमावस्या पर पाप मुक्ति के लिए सुहागिनों ने पीपल वृक्ष को स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। मान्यता है कि मात्र स्पर्श करने से मनुष्य के पाप का क्षय हो जाता है और परिक्रमा करने से आयु बढ़ती है तथा व्यक्ति का मानसिक तनाव दूर हो जाता है।