गोंडा के जयप्रभाग्राम में हलषष्ठी व्रत पर पूजन के दौरान बेटे को तिलक लगाती मां।
मसकनवा/पसका। संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना के लिए बुधवार को महिलाओं ने हलषष्ठी का व्रत रखा। सुबह स्नान कर महिलाओं ने व्रत का संकल्प लिया। घर के आंगन में मिट्टी से छोटा तालाब बनाकर हरछठ स्थापित की।
कुश, महुआ और पलाश की टहनियों से प्रतीक तैयार कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद महिलाओं ने कथा सुनी और संतान की दीर्घायु की कामना की। सावित्री देवी, विद्या, अनुसुइया, नीलम, मिथलेश, रेनू, पूनम आदि ने बताया कि इस व्रत में हल से जोते गए जमीन का अन्न नहीं खाया जाता। लोहंगपुर के पूरे पंडित निवासी किरन, नीलम, संजू, रागिनी, शांति आदि ने बताया कि छठी पूजा मातृ प्रेम, त्याग और संतान के प्रति समर्पण का प्रतीक है।
गोंडा के जयप्रभाग्राम में हलषष्ठी व्रत पर पूजन के दौरान बेटे को तिलक लगाती मां।