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बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट विभागों के काम नहीं हो रहे

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गोंडा। वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने के निर्देश के बाद जहां लोगों की मुश्किलें बढ़ी हैं, वहीं फिटनेस के बाद अब बिना इस नंबर के सभी कार्यों पर रोक लगा दी गई है। अब लोग परेशान होकर घूम रहे हैं। कुछ लोग कई तरह के पेच में फंस गये हैं।
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जिन लोगों की एनओसी गैर जिलों से गोंडा के लिए जारी हुई है, वे परेशान हैं। बताया जा रहा है कि अब वाहनों का हस्तांतरण भी पूरी तरह से रोक दिया गया है जिससे परिवहन विभाग के 90 प्रतिशत पटल पर काम भी ठप हो गये हैं लेकिन इस बीच डीलरों की तो जैसे चांदी हो गई है।
अब ग्राहकों से वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर लगाने के लिए मनमाना दाम वसूला जा रहा है। इससे लोगों को अपना काम कराने के लिए पहले आरटीओ दफ्तर फिर दलाल और फिर डीलर के यहां मनमाना पैसा देने को मजबूर होना पड़ रहा है। फिटनेस के बाद अब वाहन से जुड़े सभी प्रकार के कार्यों पर रोक लगा दी गई है जिससे लोग परेशान हो रहे हैं।
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गौरतलब है कि परिवहन विभाग की ओर से अब सभी दो पहिया और चौपहिया वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाया जाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसलिए अब वाहनों की फिटनेस सहित कोई भी कार्य बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के नहीं होगा। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों का वाहन गैर जिलों से ट्रांसफर होना था लेकिन अचानक निर्देश के चलते वो भी फंसा है।
परेशानी ये है कि उन वाहनों के पंजीकरण का 10 साल पूरा होने वाला है तो वाहन हस्तांतरण फंस जायेगा। आरटीओ प्रशासन सुरेंद्र कुमार ने बताया कि वाहनों से जुड़े सभी कार्य रोके गये हैं, जिन वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट होगी, उन्हीं का काम होगा।
परिवहन विभाग की इस सख्ती का फायदा सभी डीलर पूरी तरीके से उठा रहे हैं। ये लोग पुराने ग्राहकों से दो से तीन गुना तक दाम वसूल रहे हैं। तीन दिन पूर्व एक व्यक्ति को अपनी जीप का फिटनेस कराना था लेकिन नये आदेशों के मुताबिक उसका फिटनेस नहीं हो सकता था। ऐसे में जब वह संबंधित कंपनी के डीलर के पास गया तो उससे 1500 रुपये मांगे गये।
बाद में काफी कहने पर कुछ पैसे कम भी कर दिये। इस बारे में आरटीओ प्रशासन सुरेंद्र कुमार ने बताया कि अगर कोई भी डीलर इसमें निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली कर रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।
बता दें कि लगभग एक साल से सभी नये वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर लगाया जाना अनिवार्य किया गया है। नये वाहनों के लिए हाई सिक्योरिटी नंबर पूरी तरह से निशुल्क दिया जा रहा है। पंजीकरण के लिए जो भी फीस वसूली जाती है, उसी में से हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट भी डीलर की ओर से दी जाती है। ऐसे में अब पुराने वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने के नाम पर वसूली की जा रही है।
वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर के लिए परिवहन विभाग ने कोशिश तेज कर दी है। अब भी कुछ समय में लोगों ने अपने वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगवाई तो विभाग और पुलिस की ओर से वाहनों का चालान शुरू हो जायेगा। आरटीओ प्रवर्तन अजय कुमार यादव ने बताया कि इस मामले को लेकर विभाग की ओर से सख्त निर्देश जारी किये गये हैं।
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