गोंडा। पंचायत चुनावों में अपने असलहे के दम पर दबंगई दिखाने वालों पर प्रशासन का हंटर चलना शुरू हो गया है। 2015 के पंचायत चुनाव में जिन मतदान केंद्रों व बूथों पर दबंगई दिखाई थी और बूथ लूटने का प्रयास हुए थे, इस बार ये दबंग ऐसा नहीं कर पाएंगे। प्रशासन ने 45 लोगों के शस्त्र लाइसेंस निलंबित व निरस्त कर दिए हैं।
इनमें अधिकांश प्रधान, जिपं सदस्य रह चुके हैं। 45 में से 34 का लाइसेंस निलंबित किया गया है, जबकि 11 लोगों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है कई लोग लाइसेंस बचाने के लिए भागदौड़ करने लगे हैं।
प्रशासन की ओर से एक बार फिर थानावार सूची बनाई जा रही है। बताया जा रहा है कि प्रत्येक थाने से करीब पांच-पांच लोगों के शस्त्र के डिटेल, उनके ऊपर मुकदमा व अन्य वारदातों में शामिल होने की सूचना पुलिस प्रशासन से मांगा गया है।
बताया जा रहा है कि जिले के 17 थाना क्षेत्र से करीब 100 से अधिक लाइसेंस और निलंबित किए जा सकते हैं। थानाध्यक्ष मोतीगंज अशोक सोनकर की मानें तो उनके यहां से पांच और शस्त्र निलंबित या निरस्त किए जा सकते हैं। इसकी सूची प्रशासन को भेजी जा रही है।
जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने कहा कि पंचायत चुनाव की शांति में खलल डालने वालों को सूचीबद्व कराया जा रहा है। तीन शस्त्र लाइसेंस धारियों के एक शस्त्र को जमा कराने और लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जा रही है। चुनाव में किसी तरह से विध्न पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। अभी से ही तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।