गोंडा। संयुक्त निदेेशक स्वास्थ्य ने जिला महिला अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान वार्डों में फैली गंदगी पर नाराजगी जताई। ऑपरेशन के नाम पर मरीजों से वसूली करने वालों की संविदा समाप्त करने की चेतावनी दी।
बुधवार दोपहर संयुक्त निदेशक डॉ. एचडी अग्रवाल महिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे। जेडी ने सबसे पहले कर्मचारियों का उपस्थित पंजिका की जांच किया जिसमें किसी डॉक्टरों व कर्मचारियों का प्रमाण पत्र नहीं था। सीएमएस को क्रमांक डलवाकर प्रमाणपत्र बनाने का निर्देश दिया।
एक तीमारदार की शिकायत पर आपरेशन के नाम पर वसूली करने वालों की संविदा समाप्त किए जाने की चेतावनी दी। वहीं वार्डों में गंदगी फैली मिली तथा वाटर कूलर चोक मिला।
ओपीडी में डॉक्टर की उपस्थित रही। निरीक्षण के दौरान इटियाथोक की आशा बहू अनीता दिखाई पड़ी जो कि ड्रेस कोड में नहीं थी पूछने पर उचित कारण नहीं बता सकी जिससे सीएचसी अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि आशा बहुओं को बिना किसी काम के अस्पताल न आने का निर्देेश दें।
जेडी हेल्थ ने वार्मर बढ़ाने के निर्देश दिए। कहा कि डिलीवरी के तुरंत बाद बच्चे को बच्चा वार्ड में न शिफ्ट किया जाए, पहले लेबर रूम में ही वार्मर में रखा जाएगा। यदि जरूरत महसूस हो तो शिफ्ट किया जाए।
इसके साथ ही कहा कि जन्म के बाद बच्चे को मां का पहला दूध पिलाने की जिम्मेदारी तीमारदारों की नहीं बल्कि स्टाफ की होनी चाहिए। सीएमएस डॉ. सुषमा सिंह को निर्देश दिया कि अस्पताल में आने वाली आशाओं को पास जारी किया जाय।