गोंडा। जिले की दो लोकसभा सीटों, गोंडा व कैसरगंज के लिए पांचवें चरण में होने वाले चुनाव के लिए नामांकन 26 अप्रैल से शुरू हो कर 3 मई तक चलेगा। दोनों सीटों पर मतदान 20 मई को व मतगणना कार्य 4 जून को होगा। लोकसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही दोपहर बाद से जिले में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई।
आचार संहिता लागू होने के साथ ही डीएम की अगुवाई में गठित निगरानी टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ शहरी व ग्रामीण इलाकों में राजनीतिक दलों से जुड़े पोस्टर बैनर व सीएम व पीएम की तस्वीर वाली होर्डिंग व प्रचार सामग्री हटाने की मुहिम में जुट गई। डीएम नेहा शर्मा ने पुलिस व प्रशासन से जुड़े आला अफसरों को निर्वाचन आयोग के स्तर से जारी सभी दिशा-निर्देशों का अुनपालन सुनिश्चित कराने को कहा है।
डीएम व एसपी ने बताया कि जिले की दोनों सीटों के लिए 26 अप्रैल को चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी जो 3 मई तक चलेगी। बताया कि प्रशासनिक स्तर पर अगले 72 घंटों में सभी सरकारी व निजी भवनों से राजनीतिक दलों से जुड़ी प्रचार सामग्री व मतदाताओं को लुभाने वाले होर्डिंग हटवाने की कार्रवाई पूरी की जाएगी। तहसील स्तर पर इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीएम को सौंपी गई है।
चुनाव के लिए कंट्रोल रूम स्थापित
जिला प्रशासन स्तर से चुनाव के दौरान शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए कंट्रोल रूम का संचालन देर शाम से शुरू हो गया। कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 05262-230125 पर दर्ज होने वाली शिकायतों का निर्धारण तय समय सीमा में होगा। यहां पर 24 घंटे शिफ्टवार कर्मचारी तैनात रहेंगे।
निगरानी में लगे 197 सेक्टर व 29 जोनल मजिस्ट्रेट
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी जंगजीत वर्मा ने बताया कि जिला निर्वाचन अधिकारी नेहा शर्मा की ओर से आदर्श आचार संहिता के अनुपालन के साथ चुनाव संबंधी अन्य कार्यों को सकुशल तरह से निपटाने के लिए 197 सेक्टर मजिस्ट्रेट व 29 जोनल मजिस्ट्रेट नामित किए गए हैं। शनिवार को जिला पंचायत सभागार में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में नामित मजिस्ट्रेटों को भारत निर्वाचन आयोग स्तर से जारी दिशा निर्देशों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
पैरामिलिट्री फोर्स की दो कंपनी तैनात
एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि आचार संहिता का अनुपालन कराने के साथ ही चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण तरह से निपटाने के लिए दो कंपनी पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती भी की गई है। आम लोगों में सुरक्षा का अहसास कराने के लिए पुलिस भी अर्धसैन्य बलों के साथ मिलकर थानावार रूट मार्च भी कर रही है।