गोंडा। जिले में लोकसभा व विधानसभा चुनाव की अनंतिम मतदाता सूची में नाम देखने के लिए मतदाता परेशान हैं। मगर उन्हें स्थानीय स्तर पर जानकारी नहीं मिल पा रही है। उन्हें चुनाव कार्यालय के कंट्रोल रूम से मदद लेनी पड़ रही है। ऐसे में डीएम प्रियंका निरंजन ने मतदाताओं को कोई असुविधा न हो, इसके लिए 18 जनवरी रविवार को बूथों पर फिर से सूची पढ़कर सुनाने के निर्देश दिए हैं।
13 जनवरी को गोंडा विधानसभा क्षेत्र के रिषभ तिवारी ने फोन कर कंट्रोल रूम से फॉर्म-6 की जानकारी मांगी। इसके बाद कंट्रोल रूम के कर्मचारियों ने उन्हें ऑनलाइन व बीएलओ से संपर्क करने का सुझाव दिया। मेहनौन की खुशबू ने पूछा कि नाम में गड़बड़ी है। संशोधन के लिए फॉर्म-8 की जानकारी ली। इसी तरह से नाम जोड़ने व संशोधन के लिए सबसे अधिक फोन कॉल्स आ रहे हैं।
आलम यह है कि स्थानीय स्तर पर बीएलओ से मदद नहीं मिल पा रही है। आरोप है कि बीएलओ अपने निर्धारित स्थान पर नहीं बैठ रहे हैं। ऐसे में मतदाताओं को जानकारी हासिल करने में मुश्किलें हो रही है। पिछले 11 जनवरी को भी सभी बूथों पर बैठने के निर्देश दिए गए। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ ही लोगों से समन्वय स्थापित नहीं हो सका। ऐसे में निर्वाचन आयोग की ओर से एक बार फिर रविवार को सभी बूथों पर स्थानीय लोगों के नाम पढ़कर सुनाने के निर्देश दिए हैं। ताकी मतदाताओं के नाम में गड़बड़ी, शामिल करने और संशोधन के लिए दावे व आपत्तियों के जरूरी जरूरी प्रक्रिया पूरी की जा सके।
नोटिस जारी करने की तैयारी
अधिकारियों के अनुसार, 2003 की एसआईआर से मैप न होने वाले मतदाताओं से दस्तावेज मांगने के लिए जल्द ही नोटिस जारी की जाएगी। इसके लिए देर शाम बैठक की गई।