गोंडा। जिले में 60 दिनों में 10 बड़े निवेशकों की जरूरी औपचारिकताएं पूरी कराकर उनके प्रस्ताव को जमीन पर उतारने की तैयारी है। इन निवेशकों ने कुल 1,327 करोड़ रुपये निवेश उद्योग विभाग प्रस्ताव दिया है। इन्हें डेयरी, टाउनशिप, कन्वेंशन सेंटर और आटा मिल आदि में कोई दिक्कतें न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री उद्यमी मित्र को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उद्यमी मित्र संदीप द्विवेदी ने बताया कि डेयरी प्लांट के लिए 50, टाउनशिप में 220, गेस्ट हाउस में 101, इंटरनेशन कन्वेंशन सेंटर के लिए 350, आटा मिल के लिए 100, रिसॉर्ट के लिए 30 समेत कुल 1,327 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव उद्योग विभाग को मिला है।
काम शुरू करने के लिए फायर, प्रदूषण, भूमि उपयोग, भवन मानचित्र, ले-आउट स्वीकृति विकास प्राधिकरण व नगरीय निकायों आदि से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेने की जरूरत होगी। अभी उद्यमी मित्र के सहयोग से निवेशक संबंधित विभाग से खुद चलकर एनओसी जारी कराते थे।
मगर अब निवेशकों को किसी भी एनओसी के लिए चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। उन्हें जरूरत पड़ने पर उद्यमी मित्र के कहने पर ही आना होगा। बाकी सभी प्रक्रिया उद्यमी मित्र के माध्यम से पूरी की जाएगी। इंवेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय किरण आनंद की ओर से 60 दिनों में 10 निवेशकों की सभी औपचारिकताएं पूरी कराने का लक्ष्य दिया। इससे जहां निवेशकों को राहत मिलेगी। जिले में निवेश प्रस्ताव को धरातल पर लाने में मदद मिलेगी।
इन निवेशकों को मिलेगी राहत
अधिकारियों ने बताया कि मित्र सेवा फूड एंड डेयरी, सस्वदि प्रोजेक्ट्स, चिरंजी लाल धनुका, एबीएमएम माहेश्वरी रिलीफ फाउंडेशन, अथ्रिस्ट फार्मर्स प्रोड्यूसर, सवरथिया डेवलपर, अर्चा इंफ्रा प्लानर, प्लेटिनम व्लिस रिसॉर्ट, श्रीसौराष्ट्र कडवा पाटीदार भवन ट्रस्ट राजकोट, वसुधा कैटल फीड के निवेश प्रस्ताव के लिए सभी जरूरी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
शासन स्तर से होगी गतिविधि की निगरानी
अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक मंगलवार को बैठक होगी। ऐसे में एनओसी जारी करने में हीलाहवाली वाले विभाग की भी सीधी निगरानी होगी। किसी तरह की लापरवाही मिलने पर कार्रवाई हो सकती है।
जीबीसी की चल रही तैयारी
ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी की तैयारी की जा रही है। जिले में निवेश के लिए बड़े पैमाने पर निवेशकों ने उत्साह दिखाया है। एनओसी आदि की जरूरी प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर सके, इसके लिए जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं।
बाबूराम, उपायुक्त, उद्योग