खातों का संचालन न होने से आक्रोशित ग्राम प्रधानों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में जमकर हंगामा काटा। अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए ग्राम प्रधानों ने विरोध-प्रदर्शन किया और डीएम को ज्ञापन भी सौंपा। डीएम से समस्याओं के निराकरण की मांग करते हुए ग्राम प्रधानों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो सभी ग्राम प्रधान आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
मंगलवार को ग्राम प्रधान संघ बलरामपुर के वरिष्ठ पदाधिकारी राज बहादुर सिंह के नेतृत्व में ग्राम प्रधानों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी मांगों के समर्थन में विरोध-प्रदर्शन किया। प्रधानों ने कहा कि मनरेगा योजना में ग्राम प्रधानों पर काम के लिए अनुचित दबाव बनाया जा रहा है।
24 फरवरी 2016 से ही मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ है इसलिए मनरेगा श्रमिक कार्य करने से इंकार कर रहे हैं। मनरेगा में 60 प्रतिशत कार्य हो जाने के बावजूद पक्के कार्यों की स्वीकृति नहीं दी जा रही है।
इंडिया मार्का-2 हैंडपंप के मरम्मत कार्य को सरल किया जाए। ग्राम प्रधानों ने मांग किया कि 50 हजार रुपये तक की कार्ययोजना स्वीकृत करके उसके भुगतान का अधिकार ग्राम पंचायत को हो। ग्राम प्रधानों का मानदेय तत्काल भुगतान कराया जाए।
ग्राम पंचायतों में सफाई कर्मी के सामानों को खरीदने के लिए तत्काल आदेश जारी किया जाए। समाजवादी व वृद्धा पेंशनरों के खातों में तत्काल पेंशन भेजी जाए। प्रदर्शन के बाद ग्राम प्रधानों ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन भी जिलाधिकारी को सौंपा।
इस दौरान महेश मिश्रा, जय प्रकाश जायसवाल, वीर बहादुर, विद्या देवी, जगदंबा प्रसाद, राम अधीन, धनीराम, कालिंदी सिंह, राम कुमार, नूर मोहम्मद, धर्मराज व घनश्याम श्रीवास्तव सहित सैकड़ों प्रधान मौजूद रहे।