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बालक की मौत पर जिला अस्पताल में हंगामा

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गोंडा। जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती एक बच्चे की मौत पर परिवारीजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाया। नाराज परिवारीजनों ने गुरुवार को अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। मामले में जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने जांच के आदेश दिए हैं।
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कोतवाली नगर क्षेत्र के कंचनवा गांव निवासी पवन कुमार ने मंगलवार की दोपहर अपने बेटे सूरज (10) को उल्टी दस्त की शिकायत पर जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कराया था। गुरुवार की सुबह सूरज की मौत हो गई। इस पर नाराज परिवारीजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाकर जिला अस्पताल में हंगामा किया।
हंगामे की सूचना पर पहुंचे जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने लोगों को समझा बुझाकर शांत कराने की कोशिश की, मगर परिवार के लोग चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। परिवारीजनों ने बताया कि डॉक्टर वीसी गुप्ता ने मंगलवार को सूरज को डायरिया की शिकायत बताकर अस्पताल में भर्ती कर लिया, लेकिन सिर्फ एक बार ही देखने आए।
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इस दौरान वार्ड ब्वॉय के सहारे इलाज किया गया। बच्चे की हालत अधिक बिगड़ने पर भी समय से उपचार नहीं किया गया, और न ही उसे कहीं और रेफर किया गया। इससे उसकी मौत हो गई। इस पर प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने परिवार के लोगों को मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया, तो सभी शांत हुए।
अस्पताल में रात में नहीं मिलते डॉक्टर
चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती एक अन्य बच्चे के परिजन नंदकुमार ने कहा कि जिला अस्पताल में रात होते ही डॉक्टर व कर्मचारी नदारद हो जाते हैं। सिर्फ वार्डब्वॉय ही ड्यूटी रूम में दिखाई पड़ता है। यदि रात में मरीज की तबीयत बिगड़ जाती है और किसी कर्मचारी को बुलाने जाओ तो वह भी नाराज होता है।
परिवारीजन नहीं ले गए लखनऊ
बच्चे की हालत पहले से ही गंभीर थी। अस्पताल लाने के पहले कहीं अलग इलाज कराया जा रहा था। मैंने हर संभव प्रयास किया, लेकिन स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ। कल शाम को ही बालक को लखनऊ रेफर करने को कहा था, लेकिन परिवारीजन पैसे का अभाव बताकर नहीं ले गए। -डॉ. वीसी गुप्ता, बाल रोग विशेषज्ञ
बच्चे की हालत थी नाजुक
भर्ती करते समय ही बच्चे की हालत नाजुक थी। इलाज में कोई लापरवाही नहीं हुई है। बच्चे के परिवारीजन शव रखकर हंगामा कर रहे थे। परिवारीजनों को समझा बुझाकर जांच कराने का आश्वासन देकर भेज दिया गया है। -डॉ. घनश्याम सिंह, सीएमएस जिला अस्पताल
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