गोंडा। जिला महिला अस्पताल में बुधवार रात प्रसूता की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि इलाज में लापरवाही के कारण महिला की जान गई। सीएमएस लापरवाही के आरोप से इन्कार कर रहे हैं। हंगामा देख इमरजेंसी वार्ड से चिकित्सक व कर्मचारी बाहर निकल गए। पुलिस ने पहुंचकर किसी तरह स्थिति संभाली।
ठाकुरपुरवा निवासी मुकेश की 35 वर्षीय पत्नी मंजू को प्रसव के लिए जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार को ऑपरेशन से नवजात का जन्म हुआ। इसके बाद रात में अचानक प्रसूता की तबीयत बिगड़ गई। परिजनों का आरोप है कि हालत बिगड़ने के बावजूद समय रहते उसे रेफर नहीं किया गया। कुछ देर बाद मंजू की मौत हो गई। पति मुकेश का कहना है कि पत्नी की हालत गंभीर होने की जानकारी देने के बावजूद डॉक्टर रेफर करने में टालमटोल करते रहे। आरोप है कि महिला की मौत के बाद भी उसे ऑक्सीजन लगाकर बरामदे में रखा गया और बाद में दूसरे अस्पताल ले जाने की बात कही गई। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के लिए पांच हजार रुपये लिए गए।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र सिंह ने बताया कि प्रसूता की स्थिति पहले से ही नाजुक थी। जानकारी परिजनों को दी गई थी। ऑपरेशन सफल था, लेकिन बाद में उल्टी आने से सांस नली में उल्टी फंस गई, जिससे महिला की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की भी पड़ताल होगी।
दो दिन पहले एक और प्रसूता की हुई थी मौत
जिला महिला अस्पताल में सोमवार को अनसुईया नामक प्रसूता की मौत हुई थी। उस मामले में भी परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था।