गोंडा। कोरोना संकट बरकरार है और हर दिन संक्रमित भी मिल रहे हैं, जिले में 65 संक्रमित मिल चुके हैं। 27 का इलाज चल रहा है 38 लोग स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। कोरोना संकट तो बढ़ रहा है लेकिन इसकी सोमवार को किसी में परवाह नहीं दिखी।
अनलाक-1 मेें छूट क्या मिली, सड़कों फिर गुलजार हो गईं। बाजार में अभी तक जो थोड़ा बहुत सर्तकता थी वह भी टूटती दिखी। वाहनों पर भी सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल किसी को नहीं रहा, एक टेंपो में ही छह से सात लोग बैठे रहे। मास्क और हेलमेट लगाने में भी कंजूसी दिखी।
शहर में सोमवार को देखा गया कि दुकानों पर भी लोगों की भीड़ रही और सोशल डिस्टेंसिंग से ही अब लोग दूरी बनाते दिख रहे हैं। दुकानदारों ने अभी पूरी तरह से दुकान तो नहीं खोली है लेकिन दुकानें खुलने की छूट से खुशी है।
व्यापारियों ने कहा कि लोगों को बताया जा रहा है कि लोग दूरी बनाकर आएं लेकिन बहुत लोग कहा ही नहीं मानते हैं। उपभोक्ताओं से हम लोग कैसे ज्यादा कुछ कह सकते हैं। पटरी दुकानदारों में सब्जी के दुकानदार तो यहां पहले ही दुकान खोल रहे थे लेकिन अब उन्हें राहत मिली है। अभी तक शाम को दुकानें खोलने में दिक्कत हो जाती थी।
दुकानदार इन्द्रजीत मिश्र कहते हैं कि ग्राहकों के लिए उन्होंने बाहर रस्सी बांध रखी है और एक मीटर दूर से ही सामान देते हैं। इसके अलावा कोई अन्य प्रबंध नहीं है, सैनिटाइजर का इंतजाम कुछ दुकानों पर देखने को मिली।
रेलवे स्टेशन पर सहमे रहे लोग, बस स्टाप पर थर्मल स्क्रीनिंग
रेलवे स्टेशन पर सोमवार को लोग सहमे रहे, वहां के दो पुलिस कर्मियों में सोमवार को कोरोना पॉजिटिव मिला है। इसके बावजूद लोगों का आना जाना रहा। बस स्टाप पर यात्रियों के साथ ही बस चालक, परिचालक और कर्मचारियों की थर्मल स्क्रीनिंग हुई। यात्रियों को आवागमन की सुविधा मिली है तो वह लोग भी स्टेशन पहुंच रहे हैं। बसों में भी सैनिटाइज की व्यवस्था की गई है।
निजी वाहनों में नहीं दिखा इंतजाम
निर्देशों के बावजूद सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां निजी वाहनों में उड़ती रही। टेंपों तक में पांच से छह लोगों को बैठाया गया। लोगों ने भी कोई आपत्ति नहीं की। कई चालक तो बिना मास्क के ही वाहन चलाते दिखे। दोपहिया वाहन ने तो और नियमों को तोड़ा, एक बाइक पर तीन से पांच लोगों को बैठा के चलते दिखे। यहां तक की मास्क और हेलमेट भी कई लोग नहीं लगाए मिले।
मंदिरों में रहा सन्नाटा
दो महीनों से मंदिरों में तालाबंदी है, पुजारियों के सामने भी रोजगार का संकट खड़ा है। सोमवार को तो मंदिरों को नहीं खोला गया है लेकिन लोगों को इंतजार है कि जल्द ही मंदिर भी खुलेंगे।
मनमानी से बढ़ेगा संकट
सोमवार को शहर और ग्रामीण इलाकों का हाल देखकर लोग भौचक्के ही है। माना जा रहा है कि ऐसे ही अगर छूट में लोगों ने मनमानी की तो आगे चलकर संकट बढ़ सकता है। अभी भी हजारों की संख्या में लोग बाहर से आएं हैं जिनकी जांच नहीं हो पाई है। ऐसे में संकट कहां है किसी को पता नहीं है। बाहर से आने वाले बाजार भी आ रहे हैं उन्हें सामानों की जरूरत भी है।
सरकारी दफ्तरों में सैनिटाइजर और मास्क का इंतजाम
सरकारी दफ्तरों में कार्य तो पहले ही हो रहा था लेकिन अब सौ फीसदी कर्मियों की उपस्थिति की व्यवस्था लागू की गई है। इसके लिए प्रशासन की ओर से सरकारी दफ्तरों में सैनिटाइजर मशीन की व्यवस्था की गई है। जिससे कर्मियों को कोई दिक्कत न हो। कलेक्ट्रेट के कर्मी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि मशीन से सैनिटाइज करके ही लोग दफ्तर में आ रहे हैं। जिलाधिकारी ने इसकी व्यवस्था की है।
प्रदेश सरकार की ओर से जारी गाइड लाइन के आधार पर नई व्यवस्था दी गई है। लोगों से नियमों के पालन की अपील की गई है। पुलिस लगातार अभियान भी चला रही है और सर्तकता करने का निर्देश दिया गया है। - डॉ. नितिन बसंल, जिलाधिकारी