गन्ना किसानों को अब युनिक कोड नंबर मिलेगा। इससे जहां गन्ने की अवैध खरीद फरोख्त पर अंकुश लगेगा वहीं किसानों को भी गन्ना बेचने व भुगतान में सुविधा होगी। 16 डिजिट के युनिक कोड पर ही किसान का सट्टा बनाया गया है। इसके अलावा गन्ना विभाग व चीनी मिलों ने गन्ना सर्वें का प्रदर्शन शुरू किया है। इसमें किसानों की आपत्तियों का समाधान किया जा रहा है।
गन्ना आयुक्त के निर्देश पर किसानों के पुराने कोड को बदलकर 16 डिजिट का युनिक कोड दिया गया है। इस विशिष्ट नंबर से किसानों के नाम का सट्टा बनाया जा रहा है। इससे गन्ने की फर्जी खरीद पर रोक लग सकेगी। इसके साथ ही गन्ना विभाग व चीनी मिलों की ओर से गांवों में गन्ना सर्वें का प्रदर्शन किया जा रहा है। इसमें गन्ना विभाग व चीनी मिल अधिकारियों को लगाया गया है।
गन्ना सर्वे का किसानों से मिलान कराया जा रहा है। इस दौरान त्रुटियों का संशोधन भी होगा। इसके अलावा सर्वे का प्रदर्शन की विभागीय व चीनी मिल अफसरों की ओर से सर्वे भी किया जा रहा है।
जिला गन्ना अधिकारी पीएन सिंह व मैजापुर चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक पीके चतुर्वेदी ने ग्राम बमडेरा, चन्दापुर व धनखर गांव में गन्ना सर्वे प्रदर्शन की जांच की। जिला गन्ना अधिकारी ने कर्मचारियों को सभी किसानों की समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए।
किसान इन अधिकारियों से करें शिकायत
अधिकारी मोबाइल नंबर
ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, मैजापुर 7081202555
ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, मनकापुर 7081202556
ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, नवाबगंज 7081202558
सचिव, गन्ना विकास समिति, मनकापुर 7081202392
सचिव, गन्ना विकास समिति, मैजापुर 7081202391
सचिव, गन्ना विकास समिति, गौराचौकी 7081202387
सचिव, गन्ना विकास समिति, नवाबगंज 7081202393
सचिव, गन्ना विकास समिति, करनैलगंज 7081202390
सचिव, गन्ना विकास समिति, गोंडा 7081202388
इस समय गांवों में किसानों के गन्ना सर्वे का प्रदर्शन कराया जा रहा है। किसी भी किसान के गन्ना रकबा,मोबाइल नम्बर ,गन्ना प्रजाति आदि में कोई संदेह गड़बड़ी हो तो कर्मचारियों से मिलान करवा कर दुरूस्त करा लें। किसान अपने गन्ना सट्टा की चीनी मिलों की बेवसाइट से भी जानकारी ले सकते हैं। गन्ना किसानों को युनिक कोड दिया गया है। 16 डिजिट के इस कोड से पेराई सत्र 2015-16 में जारी होने वाली किसानों की पर्चियों पर अंकित रहेगा। कोड से अवैध गन्ना खरीद पर अंकुश लगेगा। किसान अपनी समिति से युनिक कोड की जानकारी ले सकते हैं। - पीएन सिंह, जिला गन्ना अधिकारी गोंडा।