बेलसर। ग्रामीणों को उनके घर के पास ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने का दावा विकासखंड बेलसर के लौवाटेपरा में बेमानी साबित हो रहा है। दो साल बीत जाने के बाद भी यहां पर निर्माणाधीन हेल्थ वेलनेस सेंटर का निर्माण अधूरा पड़ा है। अचरज की बात यह है कि स्थानीय ग्राम प्रधान और सीएचसी अधीक्षक को यह तक नहीं पता कि निर्माण कराने वाली कार्यदायी संस्था कौन सी है।
केंद्र का भवन तैयार न होने के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) अंकिता शर्मा को पंचायत भवन के एक छोटे से कमरे में अस्पताल का संचालन करना पड़ रहा है। अंकिता शर्मा ने बताया कि जगह की कमी और सुविधाओं के अभाव के कारण स्वास्थ्य गतिविधियां और टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्य सही ढंग से संचालित नहीं हो पा रहे हैं। भवन न होने से मरीजों को भी बैठने और इलाज कराने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मानकों के तहत किसी भी निर्माण कार्य की शुरुआत से पहले वहां एक मानक बोर्ड लगाना अनिवार्य है।
इस बोर्ड पर कार्यदायी संस्था का नाम, परियोजना की कुल लागत, कार्य पूर्ण होने की समय सीमा अंकित होना चाहिए। लेकिन लौवाटेपरा में निर्माणाधीन केंद्र पर ऐसा कोई बोर्ड नहीं लगा है। प्रधान प्रतिनिधि विष्णु उपाध्याय ने बताया कि कौन सी संस्था इसका निर्माण करा रही है, इसकी कोई जानकारी नहीं है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. सतपाल सोनकर ने बताया कि नियमानुसार किसी भी निर्माण से पहले कार्यदायी संस्था को संबंधित विभाग को सूचित करना होता है। लेकिन हमारे पास इस निर्माण को लेकर कोई आधिकारिक सूचना या दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं।