मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन वार्ड में भर्ती मरीज। -संवाद
गोंडा। बरसात के बाद संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार को स्क्रब टाइफस के दो मरीज मिले हैं। वहीं, मेडिकल कॉलेज में चार फिजीशियन की ओपीडी में 200 से अधिक बुखार के मरीजों का उपचार हुआ।
सिविल लाइंस निवासी किरन देवी को एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। मेडिकल कॉलेज में जांच कराने पर स्क्रब टाइफस की पुष्टि हुई। बेलसर के बड़सेरी निवासी अरुण कुमार की जांच रिपोर्ट में भी स्क्रब टाइफस की पुष्टि हुई है।
मेडिकल कॉलेज में फिजीशियन की ओपीडी में बृहस्पतिवार को हर तीसरा मरीज बुखार से पीड़ित मिला। फिजीशियन डॉ. रमेश पांडेय ने बताया कि मौसम के बदलाव के कारण सर्दी, जुकाम व बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बुखार के मरीजों की डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड व स्क्रब टाइफस की जांच कराई जाती है।
बुखार के मरीजों में थकान, सिर दर्द, गले में खराश, जोड़ों व आंखों में दर्द की समस्या होती है। ईएमओ डॉ. अरिहंत ने बताया कि स्क्रब टाइफस का बैक्टीरिया चूहे व अन्य कीटों के लार्वा से मनुष्यों में पहुंचता है। इसमें तेज बुखार, सिरदर्द, ठंड लगना, शरीर में दर्द होना व शरीर में दाने पड़ने की समस्या होती है।