नवाबगंज क्षेत्र में सरयू नदी की बाढ़ ने दो लोगों की जान ले ली। पहली घटना शुक्रवार देर शाम तब हुई, जब एक किशोरी भैंस चराते वक्त नदी में डूब गई। वहीं, दूसरी घटना शनिवार को नौडहवा गांव में आयोजित एक धार्मिक अनुष्ठान के दौरान तब हुई, जब सरयू नदी में गगरी भरने पहुंचीं महिलाओं के साथ एक छह साल का बच्चा पानी में डूब गया।
इस बच्चे को बचाने के चक्कर में उनके नाना ने नदी में छलांग लगा दी। नतीजा यह हुआ कि बच्चा तो जैसे-तैसे बच गया, लेकिन उसके नाना की नदी में डूबने से मौत हो गई। नवाबगंज पुलिस ने दोनों का शव नदी से बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
फैजाबाद के कैंट थाना क्षेत्र निवासी राजेंद्र निषाद की पुत्री संध्या निषाद (12) कुछ दिनों पहले अपने नाना भगवानदास के घर जैतपुर माझा आई हुई थी। बताते हैं कि शुक्रवार को संध्या अपने नाना की भैंस चराने के लिए उस पर बैठ कर घर से निकली थी।
भैंस चरते-चरते गंगूपुरवा गांव पहुंच गई, जहां सरयू नदी में आई बाढ़ से यहां के खेतों में कटान हो रही है। इसी दौरान भैंस नदी में घुस गई, जबकि संध्या बजाय भैंस से नीचे उतरने के उसी पर बैठी रह गई और नदी में डूब गई। संध्या को नदी में डूबता देख आसपास के लोगों ने जब तक उसे नदी से बाहर निकाला, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
वहीं, नवाबगंज के नौडिहवा गांव में एक शादी समारोह के बाद होने वाले वाले धार्मिक अनुष्ठान के दौरान शनिवार को गांव की कई महिलाएं गांव से कुछ दूर बहने वाली टेढ़ी नदी में बंदनवार करने गई थीं। जिसमें इन दिनों सरयू नदी में आई बाढ़ का पानी भरा हुआ है।
बताते हैं कि बंदनवार के इसी कार्यक्रम के दौरान गांव निवासी रामचंद्र का 6 वर्षीय नाती दुर्गेश पैर फिसल जाने से नदी में गिर पड़ा। दुर्गेश को नदी में गिरते देख उसके नाना रामचद्र (50) ने नदी में छलांग लगा दी। नतीजा यह हुआ कि दुर्गेश की तो जैसे-तैसे जान बच गई, लेकिन उसके नाना रामचंद्र की नदी में डूबने से मौत हो गई। फिलहाल पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।