धानेपुर थाना क्षेत्र के धौरहरा गांव में डायरिया के चलते हुई सगे भाई-बहनों की मौत के बाद चिकित्सक की अभद्रता से आक्रोशित ग्रामीणों ने शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुजेहना का घेराव किया और मुर्दाबाद के नारे लगाए। लोगों ने प्रभारी चिकित्साधीक्षक को हटाने व उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की। मांगों को लेकर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन थानाध्यक्ष धानेपुर को सौंपा।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुजेहना से महज दो किमी की दूरी पर स्थित धौरहरा गांव में पिछले पांच दिनों से डायरिया का प्रकोप है। लोगों ने इसकी सूचना सीएचसी के डॉक्टर को दी थी, लेकिन इसके बाद भी समय रहते सीएचसी के जिम्मेदारों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया, जिससे दीनानाथ के दो बच्चों की मौत हो गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि इसकी सूचना देने गांव के लोग जब शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे तो वहां मौजूद चिकित्साधीक्षक डॉ. विवेक मिश्रा ने अभद्रता करते हुए बच्चों को अस्पताल में भर्ती करने से इन्कार कर दिया। इसकी सूचना जब ग्रामीणों को मिली तो उनका गुस्सा फूट पड़ा और तमाम लोग पहुंचकर सीएचसी के गेट पर धरने पर बैठ गए।
अधिवक्ता शिवाकांत शर्मा के नेतृत्व में जनार्दन शर्मा, राजू, अवधेश, जगप्रसाद, माधवराज, अटलबिहारी, रामशरन, गौतम शर्मा, जितेंद्र समेत आक्रोशित ग्रामीणों ने चिकित्साधीक्षक के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए और प्रदर्शन किया।
शिवाकांत का आरोप है कि डॉक्टर की संवेदनहीनता से गांव के दो बच्चों की जान जा चुकी है, जबकि अन्य कई बच्चे इस बीमारी से जूझ रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद डॉक्टर इलाज करने के बजाय गलत बयानबाजी कर रहे हैं। धरना-प्रदर्शन कर रहे लोगों को धानेपुर थानाध्यक्ष रामाश्रय राय ने समझाकर शांत कराया। ग्रामीणों ने थानाध्यक्ष को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन देकर चिकित्साधीक्षक को हटाने व उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।