किसानों को लाभ दिलाने के लिए कृषि विभाग की ओर से भी कोई ठोस पहल नहीं की गई लिहाजा दो लाख किसान इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं और कृषि विभाग के गोदामों में सैकड़ों क्विंटल बीज डंप हैं।
आधा दर्जन संचालित योजनाओं का लाभ सीधे किसानों को देने के लिए सरकार ने ऑनलाइन पंजीकरण कराने की व्यवस्था की है। ऑनलाइन पंजीकरण कराने वाले किसानों के खाते में अनुदान की राशि भेजी जाती है। जिले में इस समय रबी का सीजन चल रहा है। किसानों को गेहूं के बीज की जरूरत है।
लेकिन कृषि विभाग के गोदामों पर किसानों को बैरंग लौटना पड़ रहा है कारण इनका ऑनलाइन पंजीकरण नहीं हो पाया है। नवंबर माह समाप्त हो गया है और दिसंबर चल रहा है। अब मात्र 15 दिन ही रबी बोआई में शेष हैं। ऐसे में किसानों को बीज मिलना मुश्किल है।
जिले में आॅनलाइन पंजीकरण बहुत कम हुआ है। करीब तीन लाख किसान हैं उनमें करीब 90 हजार किसानों का पंजीकरण हो चुका है। यदि किसी किसान को पंजीकरण कराने में समस्या हो तो वह अपना परिचय पत्र, किसान बही, पासबुक आदि लेकर आ जाए तो उसका पंजीकरण करवा दिया जाएगा।-श्रवण कुमार, उपनिदेशक कृषि