गोंडा। रविवार रात आई तेज आंधी और बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। कई इलाकों में बिजली के खंभे और पेड़ गिरने से आपूर्ति ठप हो गई। जिससे दो लाख से अधिक आबादी अंधेरे में रही। दिनभर प्रयासों के बावजूद कई स्थानों पर बिजली बहाल नहीं हो सकी। बिजली कटौती का असर पानी की आपूर्ति पर भी पड़ा। जिससे शहर से लेकर गांवों तक लोग बूंद-बूंद पानी को तरसते रहे।
वजीरगंज क्षेत्र में आधा दर्जन बिजली के खंभे गिरने से एक दर्जन गांवों की आपूर्ति बंद हो गई। डुमरियाडीह उपकेंद्र के ऊंचवा में 11 हजार वोल्ट की लाइन का पोल गिरने से महादेव बौगड़ा क्षेत्र प्रभावित हुआ। मोहनपुर उपकेंद्र के कोठा में नौ खंभे टूटने से कोठा, लोनियन पुरवा और बंधु बगिया जैसे कई मजरों में आपूर्ति पूरी तरह ठप रही। मझारा में भी हाईटेंशन तार टूट गया। तीनों उपकेंद्रों के लाइनमैन आपूर्ति बहाल करने में जुटे रहे। एसडीओ विकास यादव ने बताया कि वजीरगंज और डुमरियाडीह क्षेत्रों में कुछ आपूर्ति बहाल कर दी गई है। मोहनपुर क्षेत्र में खंभे बदलने के बाद आपूर्ति शुरू की जाएगी।
150 गांवों की बिजली रातभर रही ठप
इटियाथोक में रात करीब 12 बजे तेज हवाओं और बारिश के कारण 150 से अधिक गांवों में बिजली गुल हो गई। विद्युत उपकेंद्र इटियाथोक से जुड़े सभी ग्रामीण फीडर ब्रेकडाउन हो गए। तारों में पेड़ उलझ जाने से आपूर्ति बहाल करने में काफी समय लगा। अधिकांश इलाकों में सुबह 7 बजे के बाद ही बिजली आ सकी। तरबगंज, करनैलगंज, परसपुर, कटरा बाजार, खरगूपुर, बेलसर, नवाबगंज और टिकरी क्षेत्र में भी रविवार रात से बिजली आपूर्ति ठप रही। जिससे आमजन को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मेंटेनेंस के चलते पांच उपकेंद्रों की बिजली बाधित
शहर के जेल रोड स्थित 220 केवी पारेषण खंड की 33 केवी लाइनों की मरम्मत के कारण सोमवार सुबह 8 बजे से साढ़े 9 बजे तक रेलवे, धानेपुर, झंझरी, पूरे शिवा बख्तावर और बड़गांव उपकेंद्र की आपूर्ति बंद रही। इसके साथ ही 10 एमवीए ट्रांसफार्मर की मरम्मत भी की गई। अवर अभियंता उत्तम चंद ने बताया कि मेंटेनेंस कार्य के लिए आपूर्ति रोकी गई थी। जिसे समय पर बहाल कर दिया गया।